शिक्षा पाने और देने की ललक को भाषा की बेड़ियों में नहीं बांधा जा सकता

0
219

Bheeli

मध्य प्रदेश के ककराना में रानी काजल माता स्कूल जो आदिवासी जन जाति के लोगों को उनकी भाषा “भीली” में शिक्षा देता है |

सालों से आदिवासी जनजाति की भाषा और सरकारी स्कूलों में हिंदी माध्यम से शिक्षा क्षेत्र के लोगों की शिक्षा में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी, ककराना के लोग बढ़ी अशिक्षा को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित थे और फिर उन्होंने एक स्कूल की शुरुवात की जो बच्चों को उनकी क्षेत्रीय भाषा भीली में शिक्षा देता है |

स्कूल के प्रबंधक ‘केमत गवले’ कहते हैं “क्षेत्र में सरकारी स्कूल तो हैं पर वो हिंदी में पढाते है जोकि ज्यादातर के समझ में नाही आती, इसलिए हमने इस स्कूल के शुरुवात की जहाँ हम ‘भीली’ में पढ़ाते हैं जिन छात्रों ने यहाँ से पढाई पूरी कर ली है अब वो स्नातक और IIT तथा अन्य की तैयारी कर रहे हैं |

हमने भीली में ही कोर्स बुक भी शुरू की है, यहाँ तक कि गणित भी भीली में ही पढ़ाई जाती है क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई की वजह से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि भी बढ़ रही है |

मध्य प्रदेश और गुजरात सीमा पर यह प्रयोग काफी सफल रहे हैं और स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है | टीचर मानसिंह जिन्होंने इसी स्कूल से शिक्षा प्राप्त की है ने स्नातक करने के बाद यहीं पढ़ाने का फैसला किया |

मानसिंह कहते हैं “मुझे भी हिंदी माध्यम से पढने में दिक्कत होती थी फिर मैंने यहाँ पर पढना शुरू किया और विज्ञानं शाखा से स्नातक करके मै वापस यहाँ पढ़ाकर अपने जैसे और छात्रों की मदद करना चाहता हूँ |”

इस स्कूल की शुरुवात वर्ष 2000 में 40 छात्रों के साथ हुई थी पर अब आसपास के 60 गांवों के 200 से भी अधिक छात्र आते हैं और करीब 160 अभी भी दाखिले का इंतज़ार कर रहे हैं | इनमे से 40 प्रतिशत से अधिक ऐसे हैं जो हिंदी पढ़ने में दिक्कत की वजह से यहाँ आये हैं |

अखंड भारत परिवार ककराना के गाँव वालों और केमत गावले को शिक्षा के क्षेत्र में उनकी इस अनूठी पहल के लिए सलाम करता है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि आपकी इस पहल के माध्यम से क्षेत्र के अदिक से अधिक बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढकर देश निर्माण में अपना अहम योगदान दे सकें |

अखंड भारत परिवार बेहतर भारत निर्माण के लिए प्रयासरत है, आप भी इस प्रयास में फेसबुक के माध्यम से अखंड भारत के साथ जुड़ें, आप अखंड भारत को ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

 

Source – NDTV

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

two + eight =