अहंकार से परमात्मा की प्राप्ति नहीं होती

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तेजीबाज़ार(जौनपुर ब्यूरो)- स्थानीय दिलशादपुर गावं में दीप नारायण मिश्रा तथा राजीव मिश्रा द्वारा श्री गया जगन्नाथ जी के भात के उपलक्ष में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी भागवत कथा का आयोजन किया गया, कथा वाचक पं0 अखिलेश पाँडे जी ने आज कथा के अंतिम दिन की कथा में भक्तो को भरत एवं हनुमान जी के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब तक जीवन से अहंकार नही निकलता तब तक परमात्मा की प्राप्ति नही होती|

हनुमान जी संजीवनी लेकर श्री राम के पास जब आ रहे थे तो भरत को ये नही मालूम था कि ऊपर आकाश मार्ग से हनुमान ही जा रहे हैं, उनको अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब भरत को ये मालूम पडा कि ये कोई और नही ये तो प्रभु श्री राम का सेवक हनुमान हैं, हनुमान ने लक्षमण के मुर्छित होने की पूरी बात जब भरत को बताई तो भरत के परो तले की जैसे जमीन खिसक गई हो ऐसा अहसास हुआ, पं. अखिलेश पाँडे जी ने भरत चरित्र का बहुत ही विस्त्रित वर्णन कर सभी भक्तों के पलको को नम कर दिया| इस संगीतमयी भागवत कथा राजू मिश्रा, नाटे मिश्रा, दिलशादपुर ग्राम प्रधान, रविकर, मुकेश मिश्रा,वशिश्ट, प्यारेलाल दुबे, पं. उदई दुबे, बाबा मिश्रा सहित प्रति दिन सैकडो की संख्या में भक्तगण कथा का रसपान करने आते रहे ! कथा वाचक पं. अखिलेश पाँडे जी के अलावा इस भागवत कथा में सहयोगी पं. डब्बू, पं. श्यामानंद जी थे|

रिपोर्ट- विजय दुबे

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