चिकित्सकों के प्रयास से आठ मरीज खतरे से बाहर

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प्रतीकात्मक

वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान के सर सुन्दरलाल चिकित्सालय के आपरेशन थियेटर में 6 एवं 7 जून 2017 को सफल आपरेशन के उपरान्त तीन मरीजों के दुर्भाग्यपूर्ण निधन तथा आठ मरीजों के गम्भीर होने के मामले को गम्भीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति जी के निर्देश पर त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रमुख आपरेशन थियेटर में सर्जरी सम्बन्धी सेवाएं तकनीकी उन्नयन से मरम्मत करने के लिए स्थगित कर दी गयी हैं।

कुलपति जी के निर्देश पर इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जाँच के लिए आठ सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी गयी है। सर्जरी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर संजीव कुमार गुप्ता कमेटी के चेयरमैन होंगे जबकि एनस्थिसियोलाॅजी एण्ड क्रिटिकल केयर विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पी.रंजन, प्रो. एस.के. माथुर, सर्जरी विभाग के प्रो. एम.ए. अन्सारी, आई.आई.टी., बी.एच.यू. के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. पी.एन. तिवारी, फार्मास्युटिक्स इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. एस.के. सिंह, कार्डियोलाॅजी विभाग के डा. विकास अग्रवाल सदस्य होंगे, सर सुन्दरलाल चिकित्सालय के सहायक कुलसचिव मनोज कुमार गुप्ता सदस्य सचिव होंगे। यह कमेटी 48 घण्टे में चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक को अपनी अन्तरिम रिपोर्ट सौपेगी।

गौरतलब है कि चिकित्सालय के चिकित्सकों ने आठ मरीजों को बचाने में सफलता पायी है। इसमें से 6 मरीज आई.सी.यू. में हैं जबकि दो मरीज वार्ड में शिफ्ट किये जा चूके हैं, सभी मरीजों की हालत में फिलहाल सुधार हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि 6 जून 2017 को सफल आपरेशन के उपरान्त राधेश्याम त्रिपाठी (पेशाब की थैली कैंसर से पीड़ित) की मृत्यु रात्रि 11.55 बजे हो गयी। 7 जून 2017 को मिराज अहमद का किडनी की पथरी का आपरेशन हुआ था। अपराह्न 4 बजे उनका निधन हो गया। 7 जून को ही आरती देवी के दाहिने स्तन में कैंसर था, सर्जरी के उपरान्त रात्रि 11.20 बजे इनका निधन हो गया।

7 जून को मायादेवी (40 वर्ष) को मुह में ट्यूमर की सर्जरी होने के उपरान्त इन्हे सपोर्टिव वेंटीलेटर पर आई.सी.यू. में रखा गया है, फिलहाल इनकी हालत स्थिर है। इसके अलावा मधू (30 वर्ष) डिलीवरी के उपरान्त, प्राची तिवारी (32 वर्ष) पिŸा की थैली में पथरी का आपरेशन होने के पश्चात्, उषा सिंह (45 वर्ष) की बच्चेदानी की ट्यूमर का आपरेशन के पश्चात्, सुमन देवी (36 वर्ष) पिŸा की थैली में पथरी का आपरेशन के बाद, शिव प्रकाश गुप्ता (45 वर्ष) को किडनी का कैंसर था जिसकी सर्जरी हुई थी। उक्त सभी मरीज आई.सी.यू. एवं वार्ड में भर्ती है तथा खतरे से बाहर हैं। कतिपय समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार को बढ़ा चढ़ाकर तथा तोड़-मरोड़कर भ्रामक रूप से प्रस्तुत किया गया है, जो पूरी तरह सत्य नहीं है।

यहाँ यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि बेहोशी में उपयोग होने वाली आइसोफ्लोरीन दवा मरीज अधिकतर बाहर स्थित दुकानों से खरीद कर लाते हैं। वैज्ञानिक तथ्य यह है कि नाईट्रस आक्साईड जो बेहोशी में उपयोग होती है, ओवर डोज होने की वजह से इसका दुष्प्रभाव भी पड़ सकता है, लेकिन इससे बेहतर विकल्प फिलहाल उपलब्ध नहीं है, यह फैक्ट फाइंडिंग कमेटी इस बात की भी ।

रिपोर्ट- सर्वेश कुमार यादव 

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