प्रत्येक नागरिक अपने देश की शासन प्रणाली में पर्याप्त प्रतिभाग करे : डॉ. कुसुम मोहन

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मैनपुरी (ब्यूरो) प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने देश की शासन प्रणाली में पर्याप्त प्रतिभाग करे, जिससे सभी को समानता का व्यवहार ज्ञात हो। हर किसी को अपनी शासन सत्ता के प्रति जागरुक होते हुए निष्ठा एवं लगन के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर होना चाहिए। यह सब तभी सम्भव है जब हमारे पास निधार्रित रूप से भारतीय नागरिकता की सुनिश्चितता हो।इसी श्रंखला में भारतीय निर्वाचन आयोग एवं जिला प्रशासन के ‘‘सुनियोजित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता’’ अभियान अन्तर्गत अपना सहयोग करते हुए शहर के विद्यालय सुदिती ग्लोबल एकेडमी, मैनपुरी ने भी मतदाता जागरुकता में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। विद्यालय के छात्रों ने जनपद के आइकाॅन एवं विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाचार्य डा. राम मोहन तथा प्रशासनिक प्रधानाचार्य डा. कुसुम मोहन के मार्गदर्शन में आसपास के गाँवों में जागरूकता लाने के लिए मतदान नामांकन रैली निकाली।

जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान के तहत विद्यालय के छात्रों ने घूम घूम कर लोगों को मतदान की महत्ता बताते हुए कहा कि मतदान ही समाज में हमारी एक पहचान स्थापित कराता है, इसलिए जिन व्यक्तियों की उम्र अठारह वर्ष से अधिक हो चुकी है वह सभी मतदान के लिए नामांकन कराके अपना मत सुनिश्चित करें। जिससे भारत के निर्वाचन आयोग की नियमावली के अनुसार मतदान करने के सच्चे अधिकारी बन सकें और एक धर्म निरपेक्ष भेद-भाव रहित शासन सत्ता स्थापित करने में अपना अमूल्य मत प्रदान करने के योग्य बनें।

‘‘सुनियोजित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता’’ के सन्दर्भ में विद्यालय की प्रशासनिक प्रधानचार्य डा. कुसुम मोहन ने कहा कि परिवार के जिन सदस्यों की उम्र अठारह वर्ष हो चुकी है, उनको वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराना चाहिए एवं मतदान करने के हक को प्राप्त करना चाहिए। परिवार के मुखिया इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि उसके परिवार में कोई भी सदस्य इस भारतीय नागरिकता की पहचान से अछूता न रहे। चुनाव प्रक्रिया में प्रतिभाग करना उसी तरह से पुण्य का काम है, जिस तरह से किसी यज्ञ में प्रतिभाग करना क्योंकि यह भी एक ऐसा राष्ट्रीय यज्ञ है जिससे सभी लोगों को लाभ प्राप्त होता है। शासन प्रणाली सभी मनुष्यों के लिए समान रूप से होती है, इसलिए हर मानव का यह धर्म है कि वह ऐसे महान कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्वयं कटिबद्ध होते हुए दूसरों को भी प्रेरित करे।

जागरुकता के इस कार्य में विद्यालय के उप प्रधानाचार्य जय शंकर तिवारी की प्रमुख भूमिका रही तथा विद्यालय के समस्त अध्यापक-अध्यापिकाओं एवं विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा।

रिपोर्ट – दीपक शर्मा

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