यूपी पुलिस सिपाही भर्ती 2018 की द्वितीय पाली की परीक्षा निरस्त, दोबारा होगी परीक्षा

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फतेहपुर (ब्यूरो)- प्रदेश में पुलिस एवं पीएसी के 41520 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। बताया जा रहा है कि दो परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के गलत प्रश्नपत्र बांट दिए गए थे, जिस कारण दूसरी पाली की परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। परीक्षा के निरस्त होने से अब करीब दस लाख परीक्षार्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी।

बताया जा रहा है कि परीक्षा की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने इस बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार केद्र व्यवस्थापक, पुलिस प्रेक्षक, परीक्षा कराने वाली संस्था के प्रतिनिधि एवं अन्य दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का फैसला किया है। वहीं, भर्ती बोर्ड ने परीक्षा कराने वाली संस्था ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज’ (टीसीएस) से जवाब मांगा।

भर्ती बोर्ड के अनुसार, इलाहाबाद जिले के परीक्षा केंद्र गुरु माधव प्रसाद शुक्ला इंटर कॉलेज में 18 जून को पहली पाली में दूसरी पाली की पेटी खोलकर और द्वितीय पाली में प्रथम पाली की पेटी खोलकर प्रश्नपत्र बांट दिए गए थे। इसी तरह 19 जून को एटा के श्री पीपीएस कॉलेज में पहली पाली में दूसरी पाली और दूसरी पाली में पहली पाली का प्रश्नपत्र बांट दिया गया। इस सूचना के मिलने के बाद भर्ती बोर्ड में नियुक्त अनु सचिव भर्ती-तृतीय ने भी इसकी जांच के आदेश दिए। बोर्ड ने सभी पहलुओं का संज्ञान लिया तो ऐसा कोई तथ्य स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया कि किसी परीक्षार्थी को इसके फायदा पहुंचा होगा कि परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 18 व 19 जून को दूसरी पाली में प्रदेश के सभी 860 केंद्रों पर हुई परीक्षा को निरस्त करते हुए दोबारा परीक्षा कराई जाए।

दोनों परीक्षा केंद्रों को भविष्य में परीक्षा केंद्र न बनाने का फैसला भी लिया गया है। इन केंद्रों पर अन्य परीक्षाएं भी न कराने की संस्तुति भी बोर्ड की ओर से शासन को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की ओर से परीक्षा कराने वाली संस्था टीसीएस ने भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। परीक्षा के जनपदीय नोडल अधिकारी बनाए गए दोनों जिलों के अपर पुलिस अधीक्षकों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस बीच परीक्षा में गलत प्रश्नपत्र बांटे जाने के संबंध में हाईकोर्ट में कुछ याचिकाएं दाखिल की गईं। टीसीएस ने भी ओएमआर शीट की स्कैनिंग का कार्य पूरा होने के बाद सभी 860 परीक्षा केंद्रों की गहन समीक्षा की तो दो केंद्रों पर गड़बड़ी सामने आई।

वहीं, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने परीक्षा में हुई चूक को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी दोषियों को दंडित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के संबंध में बोर्ड की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रश्नपत्र की पेटी खोलने में लापरवाही की गई। बता दें कि नागरिक पुलिस में पुरुष व महिला सिपाही तथा पीएसी में पुरुष सिपाही के पदों सीधी भर्ती 2018 की आफलाइन लिखित परीक्षा प्रदेश के 860 केंद्रों पर गत 18 व 19 जून को दो पालियों में कराई गई थी। परीक्षा आयोजित होने के दो-तीन दिनों बाद ही कुछ स्थानों से यह सूचना आई कि प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली में जो प्रश्नपत्र बांटे गए हैं, उनमें अंतर नहीं था। दोनों पालियों में एक ही प्रश्नपत्र बांट दिए गए।

रिपोर्ट- आशीष कुमार

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