हर जगह जीत चाहने वाला इंशान भी कही हार चाहता हैं ?

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जीवन में हर जगह
हम “जीत” चाहते हैं…

सिर्फ फूलवाले की दूकान ऐसी है
जहाँ हम कहते हैं कि
“हार” चाहिए।

क्योंकि

हम भगवान से
“जीत” नहीं सकते।

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धीमें से पढ़े बहुत ही
अर्थपूर्ण है यह मैसेज…

हम और हमारे ईश्वर,
दोनों एक जैसे हैं।

जो रोज़ भूल जाते हैं…

वो हमारी गलतियों को,
हम उसकी मेहरबानियों को।

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???? एक सुविचार ????

वक़्त का पता नहीं चलता अपनों के साथ…..

पर अपनों का पता चलता है,
वक़्त के साथ…

वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ,

पर अपने ज़रूर बदल जाते हैं वक़्त के साथ…!!!
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