फर्जी कंपनी के नाम पर करोड़ों की ठगी कर फरार

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चंदवक/जौनपुर (ब्यूरो) एक तरफ वैश्वीकरण के युग में व्यवसायिकरण की दुनिया को सुदृण करने के लिए सरकारें पारदर्शिता के साथ ही उपभोक्ताओं के हित संरक्षण के लिए नित नए व कड़े कानून बना रही है, जागरुकता अभियान चला रही है वही लोगो की बगैर कुछ किये अत्यधिक पैसे कमाने की चाहत का लाभ उठाते हुए ठग करोडों की ठगी कर फरार हो जा रहे है । ऐसा ही एक मामला क्षेत्र में घटित हुआ है जहाँ चार साल में ही फर्जी कंपनी बना कर करोडों रुपया लेकर फरार हो गया । सबसे दिलचस्प है कि कई जनप्रतिनिधि भी ठगी के शिकार हुए है।

बताते है कि क्षेत्र के बोड़सर खुर्द गांव निवासी पंकज सिंह 2012 के आखिरी में वित्तीय कारोबार के लिए पंकज सिंह एंड एशोसिएट नाम से कंपनी खोली ।शुरुआत में अपने कुछ परचितो को कंपनी से जोड़ा और उन्हें जमा धन पर आकर्षक लाभ यानि डेढ लाख के निवेश पर हर महीने ग्यारह हजार देना शुरू किया ।समय बीता सैकड़ो लोग ग्राहक बन गए ।ग्राहक बड़े तो ग्यारह के स्थान पर आठ हजार देने लगा ।कई जनप्रतिनिधियो ने जब करोड़ो लगाया तो आठ से छःहजार देने लगा बावजूद इसके बैंको से कई गुना ब्याज मिलने व बेहिसाबी रूपया होने के कारण लोग रुपये लगाते गए ।चार साल के अन्दर ही पंकज कई करोड़ का मालिक बन बैठा ।कंपनी के कारोबार के संबंध में वह लोगो को बताता था कि कंपनी फॉरेन मनी का एक्सचेंज का काम करती है ।हालाकि वह लोगो को इतना भरमा देता कि कोई कुछ पुछता ही नहीं था ।तमाम लोग आकर्षक ब्याज के नाते रिस्तेदारो तक के पैसे लगवा दिए ।नोटबंदी के बाद से पैसे देने में नोटबंदी का बहाना बना कर हीलाहवाली शुरू किया ।इधर जब लोग पैसे के लिए दबाव बनाए तो वह ऑफिस बंद कर फरार हो गया। फरारी की जानकारी होते ही अफरातफरी मच गई ।कुछ लोगो ने घर न मिलने पर उसके वाराणसी स्थित आवास पर ताला मर दिए है। बेहिसाबी पैसे होने के डर से अभी तक किसी ने थाने में प्राथमिकी दर्ज नही कराई है।निवेश में कर्रा कॉलेज के अध्यापक सबसे आगे रहे ।

रिपोर्ट – अमित कुमार पाण्डेय

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