जीएसटी : जानकारी के अभाव में फैली भ्रांतियां, जीएसटी से व्यापारियों व उपभोक्ताओं को फायदे ज्यादा

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वाराणसी (ब्यूरो) सरकार द्वारा एक जुलाई से पूरे देश मे जीएसटी लागू किये जाने व उससे होने वाले फायदे के बारे में वरिष्ठ लेखाकार व आर्थिक सलाहकार विजय अग्रवाल ने बातचीत के दौरान कहा कि जहां जीएसटी के फायदे ज्यादा हैं, वहीं कुछ परेशानियां भी व्यापारी वर्ग को उठानी पड़ सकती है जो धीरे-धीरे समाप्त ही जाएगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी से किसानों व छोटे व्यापारियों को लाभ होगा। बिना पैक किये हुए खाद्य सामग्री को पूर्णतया कर मुक्त रखा गया है। वहीं कुछ व्यापारी संगठनों द्वारा जीएसटी के विरोध में आज अपने प्रतिष्ठान बन्द रखे। नगर उद्योग व्यापार मण्डल व उससे जुड़े संगठनों ने बंदी से अपने को दूर रखा।

जीएसटी क्या है
भारत के कर ढांचें में सुधार का एक बहुत बड़ा कदम जीएसटी है। वस्तु एंव सेवा कर एक अप्रत्यक्ष कर कानून है। जीएसटी एक एकीकृत कर है जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। जीएसटी लागू होने से पूरा देश एकीकृत बाजार में तब्दील हो जाएगा और ज्यादातर अप्रत्यक्ष कर जैसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैट, मनोरंजन, विलासिता, लॉटरी टैक्स आदि जीएसटी में समाहित हो जाएंगे।

क्यों जरूरी है जीएसटी
भारतीय संविधान के अनुसार मुख्य रूप से वस्तुओं की बिक्री पर कर लगाने का अधिकार राज्य सरकार और वस्तुओं के उत्पादन व सेवाओं पर कर लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।  इस कारण देश में अलग अलग प्रकार के कर लागू हैं।

टैक्स पर टैक्स की व्यवस्था होगी समाप्त
अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में कर-भार अंतिम उपभोक्ता को वहन करना पड़ता है। लेकिन कर का संग्रहण व्यवसायियों द्वारा किया जाता है। वर्तमान व्यवस्था में केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क व सेवा कर और राज्य सरकार द्वारा बिक्री कर लगाया जाता है। इस कारण वर्तमान व्यवस्था में टैक्स पर टैक्स लग जाता है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमत बढ़ जाती है। जीएसटी लागू होने से पूरे देश में एक ही प्रकार का टैक्स लगेगा और टैक्स पर टैक्स लगाने की व्यवस्था समाप्त होगी तथा लागत में कमी आएगी।

बनारस बन्द से विरत रहा नगर उद्योग व्यापार मण्डल
नगर उद्योग व्यापार मण्डल के महामंत्री व व्यवसाय संजीव सिंह बिल्लू ने बातचीत के दौरान कहा कि जीएसटी के फायदे ही फायदे हैं नुकसान न के बराबर है। व्यापारियों को डर है कि अधिकारी जीएसटी के नियम व उप-नियम की आड़ में उनका शोषण करेंगे। परन्तु सबकुछ जब आन लाइन हो जाएगा तो कोई भी अधिकारी व्यापारियों का शोषण नहीं कर पायेगा। अभी तक व्यापारियों द्वारा टैक्स दिया तो भी ठीक था नहीं दिया तो भी। परन्तु जीएसटी लागू हो जाने के बाद सभी को प्रत्येक माह रिटर्न दाखिल करना होगा यदि कोई व्यापारी एक माह रिटर्न नहीं दाखिल करेगा तो उसका दूसरे माह का रिटर्न तब-तक नहीं दाखिल होगा जब -तक कि पिछला रिटर्न न दाखिल हो जाय और ऐसा न करने वाले उन व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन निरस्त हो जाएगा जिन्होंने छः माह तक रिटर्न नहीं दाखिल किया हो। श्री सिंह ने कहा कि अभी सभी व्यापारियों को पूर्ण जानकारी नहीं है जिससे शुरुआत में उनसे गलती होने की संभावना ज्यादा है। ऐसे में सरकार द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया जाना चाहिए कि किसी व्यापारी से रिटर्न भरने में यदि त्रुटि हो जाती है तो उसे जानकारी उपलब्ध कराते हुए ठीक कराएं न कि उनका उत्पीड़न करें। व्यापारी संगठनों द्वारा बंदी की घोषणा के बाबत पूछे जाने पर कहा कि केंद्रीय व्यापारी संगठनों से हमारा कोई संबद्दीकरण नहीं है इसलिए हमारा संगठन व हमसे जुड़े किसी भी संगठन का आज की बंदी में कोई समर्थन नहीं है। बावजूद कोई संगठन बंदी में सम्मिलित होना चाहता है तो हमारा कोई दबाव उनके ऊपर नहीं है।

रिपोर्ट – रवींद्रनाथ सिंह

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