फर्जी स्कूलों में हो रहा देश के भविष्य के साथ खिलवाड़

0
70

नोएडा(यूपी)- उत्तर प्रदेश में जहाँ सरकार बदलते ही सरकारी महकमों में हड़कम्प मचा हुआ है, वहीं देश के नौनिहालों का भविष्य और जीवन ख़तरे में है| उत्तर प्रदेश में फ़र्ज़ी तरीक़े से चल रहे विद्यालयों की भरमार है और सरकार बदलने के बाद भी इन विद्यालयों को लेकर प्रशासन के तौर- तरीक़े में कोई बदलाव नहीं आया है| सरकार द्वारा चलाए जाता रहे सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उदासीनता के चलते पढ़ाई का स्तर निम्न से निम्नतर होता जा रहा है और ऐसे में लोगों के पास अपने बच्चों को इस तरह के अवैधानिक और नियमों को ताख पर रखकर चल रहे, विद्यालयों में पढ़ाने के अलावा कोई विकल्प मौजूद नहीं है ।

आज देश के लाखों करोड़ों नौनिहाल इस तरह के अनियंत्रित ढाँचे में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जहाँ इन्हें ना सिर्फ़ सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि देश के भविष्य देश के नौनिहाल और किशोरों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता से भी भरपूर समझौता हो रहा है । इन विद्यालयों के प्रबंधकों से बात करने पर पता चलता है कि इतने बड़े स्तर पर हो रहे गोरखधंधे में सरकार और प्रशासन भी काफ़ी हद तक ज़िम्मेदार है| हद तो तब हो जाती है जब बच्चों को पढ़ाने के नाम पर ये विद्यालय पहले तो मोटी रक़म वसूलते हैं और बाद में इसे सेवा का कार्य बताकर लोगों को भ्रमित करते हैं ।

अखंड भारत की टीम जब गौतमबुद्ध नगर के बरौला क्षेत्र में पहुँची और ऐसे विद्यालयों और क्षेत्रीय लोगों से इन मामलों में उनकी राय माँगी तो जो तस्वीर सामने आयी वह चौंकाने वाली है, लोगों ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे 90% से अधिक विद्यालय सरकारी नियमों को दरकिनार कर धड़ल्ले से चल रहे हैं, और जिला प्रशासन आँखों पर पट्टी बाँधकर बैठा है । लोगों ने यह भी बताया कि क्योंकि सरकारी स्कूलो में शिक्षा गर्त में जा चुकी है इसलिए वे अपने बच्चों को इन स्कूलो में पढ़ा रहे हैं । अब सरकार इस सम्बंध कोई मजबूत क़दम उठाएगी या शिक्षा का व्यापार इसी तरह चलता रहेगा यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा ।

रिपोर्ट- अजय सिंह 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here