किसान की बेटी ने बढ़ाया गांव का मान, वर्षा का चयन सेना में करेगी सरहद की हिफाजत

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धमतरी/छत्तीसगढ़ : जिला मुख्यालय से 35 किमी. दूर कुरुद विकासखंड के एक छोटे से गांव खपरी (सि) की एक किसान की बेटी जागेश्वरी साहू उर्फ वर्षा की बीएसएफ में चयन होने के बाद इनके गांव में खुशी का माहौल है और हर कोई गांव की बेटी की तारिफ कर रहा है।

भखारा क्षेत्र की जागेश्वरी साहू भारतीय सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) में जाने वाली धमतरी जिले की पहली महिला बन गई है। देशसेवा के उनके जज्बे की सभी तरफ सराहना हो रही है। अब तक धमतरी के युवा ही सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ में जाते थे। अब युवतियां भी अर्द्घसैनिक बलों में भर्ती हो रही है। सामान्य परिवार की एक किसान की बेटी वर्षा साहू ने भारतीय सेना में भर्ती होकर एक मिसाल कायम की है। भखारा अंचल की इस बेटी ने साबित कर दिखाया कि वह बेटों से कम नहीं है। चाहे वह देश की सुरक्षा का मामला ही क्यों न हो। गांव की मिट्टी में पली-बढ़ी यह बेटी अब देश की सरहद की हिफाजत करेंगी। यह व्यक्तव्य पूर्णतः सत्य है कि दृढ़ इच्छाशक्ति व जुनून से कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। गांव में खेती-किसानी करने वाले पिता नरेंद्र साहू एवं माता दुलेश्वरी साहू की लाड़ली वर्षा ने अंचल व जिले का मान बढ़ाया है। इनका चयन भारतीय सेना के सीमा सुरक्षा बल में हुआ है। इसको लेकर पूरे गांव में उत्सव का माहौल है।

सरहद की करेगी हिफाजत
वर्षा के हौसले को आज हर कोई सलाम कर रहा है। भले ही वह आज सेना में चयनित हो चुकी हैं, लेकिन गांव के परिवेश से निकल कर यहां तक पहुंचना इनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। रोज सुबह विद्यालय प्रांगण में दौड़ लगाती रही इन बेटी के हौसले बढ़ाने वाले तो कम थे, लेकिन ताने मारनेवालों की संख्या कई गुना थी। पर उसने इसकी परवाह नहीं की, इनके आगे बढ़ने में अड़चन परिवार की आर्थिक स्थिति भी थी। लेकिन, अपनी जरूरतों में कटौती कर इन बेटियों ने अपनी पढ़ाई पूरी की और आज सेना में चयनित होकर पूरे जिले को गौरवान्वित महसूस करा दिया। वर्षा बताती हैं कि उनके पिता नरेंद्र साहू छोटे किसान हैं घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी उनके पिता ने पढ़ाई से कभी नहीं रोका और न ही पैसे की कमी आने दी। वह कहती है कि वह शुरू से ही सेना में जाना चाहती थी उनके पापा की भी इच्छा थी कि वह सेना में जाकर देश की सेवा करें। आज पिता की प्रेरणा, सहयोग और आगे बढ़ने के लिए उनके दिये गये हौसले से वह इस मुकाम पर पहुंची है, वह अपनी मां दुलेश्वरी को भी अच्छी सहयोगी मानती है। अब वे सैनिक बन देश की सरहद की हिफाजत करेगी।

वर्षा तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी है अभी उनकी उम्र 22 वर्ष है, 12 वीं तक कि शिक्षा गांव के आसपास के स्कुलो में पूर्ण की तथा आईटीआई करने वे कुरुद पहुंची साथ ही नित्य प्रतिदिन अपने भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारण कर लगातार भाग दौड़, लंबी कूद, रस्सी कूद आदि का अभ्यास करती रहती थी वे शुरू से ही स्कुलो में आयोजित होने वाले खेलो में भाग लेकर अपना स्थान भी कायम की है। चर्चा में बताया कि देशसेवा की इच्छा के कारण बीएसएफ में भर्ती हुई है। महिला सशक्तिकरण और देशभक्ति के जज्बे की चर्चा हर तरफ होती है। देशभक्ति में बेटियां भी पीछे नहीं है।

जागेश्वरी ने 12वीं तक की पढ़ाई सीमावर्ती बालोद जिले के ग्राम सनौद (पलारी) के स्कूल से की है। इसके बाद उसने कुरूद के आईटीआई से इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण लिया। कंप्यूटर का प्रशिक्षण भी वह ले चुकी है। इसके बाद बीएसएफ की परीक्षा में शामिल हुई।

सिलेक्शन होने के बाद 31 मई तक ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश मिला है। 3 जून को पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी जिला में उनका प्रशिक्षण शुरू होगा। बीएसएफ में चयन होने की खबर के बाद उनके घर पहुंचकर अनेक लोगों ने बधाई दी। उनकी इस उपलब्धी के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। वर्षा ने अपने माता-पिता और अपने परिवार को अपनी सफलता का श्रेय दिया है।

उन्होंने गांव के युवाओं से कहा कि मेहनत, लगन और निष्ठा से कामयाबी जरूर मिलती है। कड़ी मेहनत करने वालों का रास्ता कोई नहीं रोक सकता। युवाओं को संदेश दिया कि अपना लक्ष्य तय करके तैयारी करें। तब सफलता खुद चलकर आएगी। जब वर्षा ज्वाइनिंग लेने के लिए रवाना हुई तब इस अवसर पर प्रमुख रूप से उनके माता पिता परिवारजन के अलावा कुरुद नगर सांसद प्रतिनिधि मूलचंद सिन्हा, बीजेपी मीडिया प्रभारी कुरुद यशवंत गंजीर, गेंदलाल साहू, मिथलेश बैस, कीर्तन साहू, रेणुलाल साहू हेमंत साहू, ईश्वर साहू, सविता गंजीर, नलिनी साहू, लता साहू, नारायण साहू, चेतन साहू, हेमलाल ध्रुव, चन्द्रशेखर साहू, डोमेन साहू, अनुज साहू, रामसागर साहू समेत ग्रामवासियो ने उपस्थित होकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रिपोर्ट : यसवंत गंजीर धमतरी/हरदीप छाबड़ा

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