सामुदायिक केंद्रो के भवन निर्माण मे लाखो खर्च करके लाये गए पंखे

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हसनगंज/उन्नाव(ब्यूरो)- गाँव-गाँव सामुदायिक केंद्रो के भवन निर्माण मे लाखो खर्च करके लाये गए पंखा ,कुर्सिया,टेबुल,खिडकी दरवाजे सहित तमाम सामान बेखौफ होकर चोर ले गये, लाखो खर्च के बाद भी सरकारी भवन कंडा पाथने व मवेशियो के बाँधने का अड्डा बनकर रह गये है। अधिकारी भी इस निषप्रयोजय भवन की दुर्दशा को देखना तक मुनासिब नही समझ रहे।

हसनगंज विकास खंड के अंतर्गत चदेसुवा मजरे निमादपुर ग्राम मे वर्ष 2007 मे बसपा पार्टी की सरकार मे न्याय पंचायत स्तर पर सामुदायिक केंद्र भवन का निर्माण कराया गया, जिसमे रंगाई ,पुताई सहित पानी, बिजली,हवा,बैठने आदि संशाधनो मे लगभग दस लाख रूपये तक खर्च किया गया ।

लेकिन वर्ष 2012 मे सरकार बदलने के बाद ही सपा शासन काल मे लाखो रूपये खर्च से चमकती बिलडिंग दुर्दशा का शिकार हो गयी, जिसके गाँवो के चोरो ने बिजली के पंखे ,मेज ,कुरसियां ,पलले दरवाजे व खिडकिययाँ तक चोरी कर ले गये।

जिस पर ग्राम प्रधानो ने थाने मे पुलिस से शिकायत की ,लेकिन कार्यवाही के नाम सब ठंडे बसते मे चला गया।वही ब्लाक अधिकारी सहित जेई व ठेके दार भवन निर्माड मे बंदर बांट कर लाखो डकार गये। लाखो से बने अम्बेडकर नाम से सामुदायिक केंद्रो का आलम रहा कि अपनी बदहाली पर आंसू बहारहे है ।जहाँ पर गाव वाले अब कण्डे पाथते है या फिर जानवर बाँधने का कार्य कर रहे है ।

हसनगंज तहसील क्षेत्र के निमाद पुर गाँव का मजरा चदेसुवा मे लाखो से बना अबबेडकर सामुदायिक केंद्र खडहर मे तबदील होकर रह गया है। यह तो महज बानगी है तहसील की हसनगंज सहित औरास, मियागंज, व नवाबगंज ब्लाक मे बने बाबा भीम राव अमबेडकर के नाम पर लाखो खर्च के बाद भवन निषप्रयोजय होकर फाइलो मे दफन हो कर रह गये है लेकिन ये सब आला अधिकारियो की बला से सरकारी धन तो केवल कमीशन खोरी का बचत खाता समझ इधर धयान नही देते है।

सरकार कोई भी आये कार्य योजना का काम कागजो पर अधिक जमीन पर कम दिखाई पडता है। यह सब नौकर शाही खर्चे मे सुमार बन कर रह गया है।ग्रामीणो की माने तो इस भवन की मरममत कराकर बारात शाला या पंचायत भवन के प्रयोग मे देना चाहिये।

लेकिन जहाँ पंचायत भवन है तो कोई बैठने वाला नही है भवन खडहर हो गये है, उनमे भी किसी न किसी कब्जा है।चूकिं ग्राम विकास अधिकारी गाँवो मे न जाकर रोजगार सेवको के भरोशे हो गये है।गाँव की कार्य योजना बगैर देखे ही घर बैठे फीड हो जाती है।

ग्राम प्रधान अजय सिंह ने बताया कि पिछली पंच वर्षी मे भवन बना था किसको मना करे कोई मानता नही सरकारी अधिकारी भी मदद नही करते है।

रिपोर्ट-राहुल राठौर

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