आवारा जानवरों से किसान परेशान, गायें हो रही कटीले तारों का शिकार

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हसनगंज उन्नाव (ब्यूरो) जहाँ एक तरफ आम फल पट्टी में गायो व साँडो के आंतक से आम बागान को फसल बचाना मुशकिल हो गया है। वही किसानो को फसल बचाने मे तार घेरवाड करने से गौ माता घायल होकर जान जोखिम डाल कर गुजरना पड रहा है, जबकि गौ रक्षा की हिमायती सरकार गौ माता की रक्षा के लिये सौ दिन मे भी किसी नतीजे पर नही पहुंच सकी है।

इन दिनो विकास खंड हसनगंज की आम फल पट्टी में अस्सी फीसदी आम बागान बागों में रहकर साल भर की रोजी रोटी को बचाने के लिये रात दिन भीषण गर्मी मे पूरे परिवार के साथ हाड तोड मेहनत कर रखवाली करने मे जुटा है। जहाँ दिन में बंदर, गायों व सांडों के झुंड बाग में घुस कर चुवान व कच्ची आमियो को खाकर अच्छी खासी चपत लगा देते है, तो वही रात में कुत्ते व सियार रात में जमीन पर दशहरी का चुवान का स्वाद लेने में नही चूकते है तो पेड़ की डाल का पका आम गीदड खाने का सौखीन हो गया है। जिससे आम बागानो को कलमी आम बचाना मुशकिल हो गया है। जिससे आम व फसलो को बचाने के लिये किसानों ने बलेड का धारदार तार का घेरवाड कर दिया है, जिससे गायो व साडो के पैर व गला फसने से घायल होकर जिंदगी मौत से जूझना पड रहा है |

यही हाल हसनगंज के सूबेदार खेडा के दिवंगत बाजार मालिक आनंद दीक्षित के आम बाग में व्यापारी शिव पाल सिंह ने गायो व मारू सांड की वजह से तार बंधवाया एक सपताह पहले मारू सांड ने आम बागान को दौडाया कि उसी बलेड तार में गर्दन फंस गयी। जिससे ताकतवर सांड की घटना.स्थल पर ही मौत हो गयी। उधर दयालपुर निवासी बी डी सी सदस्य सुनील कुमार मिश्र ने गायो व सांडो के आंतक से आम फसलो का हो रहे नुकसान से बचाने के लिये एस डी एम मनीष बंसल को लिखित शिकायत पत्र देकर गायो से निजात दिलाने की माँग की है। जबकि जनपद में वरिष्ठ पत्रकार व समाज सेवी अखिलेश अवस्थी गौ रक्षा के लिये अभियान चलाकर घायलो का उपचार करा कर जीवन दान दे रहे हैं लेकिन शासन व प्रशासनिक स्तर पर सहयोग न मिलने से गौ माता के प्राण बचाने में अडचने आ रही हैं | इधर आला अधिकारी भी धयान नहीं दे रहे हैं, जबकि गौ रक्षा के लिये हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय मंत्री विमल दिवेदी के नेतृतव मे डेढ दर्जन पदाधिकारियो ने डीएम अदिति सिंह से मिलकर तहसील व जनपद स्तर पर गौ शाला बनाये जाने की माँग की थी |

गौशालाओ के नाम पर लाखो रूपये सरकार से अनुदान लेकर मालामाल हो रहे है लेकिन कृषि आधुनिकीकरण ने जहाँ बैलो से खेती परम्परा को समापत कर दिया तो वही किसानो ने जब तक गौ माता ने दूध दिया तब तक चारा पानी देकर सेवा की दूध देना बंद होते ही बुढापे में घर से ही कानी खोल कर भगा दिया जिस पर चारा व पानी के लिये गौ माता को दर दर भटकना पड रहा है | यहाँ तक पेट भरने के लिये खेतो व आम बागानो मे तार बंधे होने से घायल होकर तडफ तडफ कर मौत से जूझना पड़ रहा है।

हलांकि भाजपा के सीएम योगी आदित्यनाथ की स्वंय की गौ शाला में गायों की रक्षा भले हो रही हो लेकिन गाँव-गाँव गौ माता तिनके-तिनके चारा व पानी के लिये तरस रही हैं।लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र मे कान्हा उपवन गौशाला है। जिसमें हसनगंज पुलिस ने बूचड खाने में वध के लिये जा रही मवेशियो को तो भेज देते है लेकिन गाँवो व कसबो मे गायो व सांडो के लिये कोई पुरूषाहल नही है | हसनगंज क्षेत्र के कैलाश नारायण शुक्ल, सुखवीर सिंह यादव, अशोक अवस्थी, कमल किशोर बाबा, जगदीश अवस्थी, प्रमोद रसतोगी, रमेश गुप्ता, विनोद कुमार दुबे, विजय पाल सिंह, आंसू बाजपेई, रोहित, आनंद सैनी, हरीश महराज आदि बुद्धि जीवी वर्ग ने गायो की दुर्दशा पर खेद बयाँ कर तहसील स्तर पर गायों की रक्षा के लिये गौशाला बनवाने की मुख्य मंत्री से माँग की है |

रिपोर्ट – राहुल राठौर

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