तालाबों में पानी ना होने से किसान परेशान, कागजों पर हो रही खानापूर्ती

प्रतीकात्मक
जालौन ब्यूरो : ब्लाक क्षेत्र में अधिकांश तालाब अभी भी खाली पडे़ हुए हैं। तो वहीं, सरकारी अभिलेखों में उन्हें भरा दिखा कर खाना पूर्ति की जा रही है। तालाब न भरे जाने से पशुपालकों के साथ ही ग्रामीण भी परेशान हैं।

ब्लाॅक क्षेत्र में 62 ग्राम पंचायतों मे तकरीबन 97 गांव हैं। जिनमें करीब 175 तालाब दर्शाए गए हैं। मौके पर जाकर तालाबों की हकीकत को परखा जाए तो अभी भी अधिकांश तालाब पानी की बूँद के लिए तरस रहे हैं। नहरों में खैराती पानी छोड़े जाने के बावजूद तालाबों की यह स्थिति है। पूर्व में जब एडीओ पंचायत रमाशंकर ने बात की गई थी। तभी उन्होंने बताया था कि 175 तालाबों में से 130 तालाब पूर्व से ही भरे हंै। शेष बचे 45 तालाबों को शीघ्र ही भरवाया जा रहा है। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं हुआ। वर्तमान में नहरों का पानी भी चला गया है। परंतु तालाब अभी भी जस के तस सूखे पडे़ हुए है। इसके बाद भी अधिकारियों के पास आंकड़ों का पूरा हिसाब किताब नहीं है । ग्राम खनुआं, कुठौंदा बुजुर्ग, सिहारी, मकरदंपुरा, कैंथ, दहगुवां, ऐदलपुरा, रिनियां आदि तमाम ऐसी ग्राम पंचायतें हैं। जहां तालाब आज भी सूखे पड़े हुए हैं । जिसके चलते इन गांवों के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है।

तालाब न भरे जाने में इन गांवों के प्रधान व सचिवों की लापरवाही स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। भीषणगर्मी के चलते जहां आम दिनचर्या बिगड़ गई है। तो वहीं, पशु पक्षी भी पानी को लेकर बेहाल है। क्षेत्र में ज्यादातर जानवर पानी की कमी के चलते बीमार हो रहे है, उनकी आकस्मिक मौत भी हो रही है। जिसे लेकर उक्त गांवों के ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से खाली पड़े तालाबों को भरवाए जाने की मांग की है।

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