योगी सरकार में पिता को नहीं मिला न्याय, दर-दर भटक रहा परिवार

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उन्नाव ब्यूरो- पूर्व सरकार की तरह योगी सरकार में भी पुलिस प्रशासन खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहा है| धनबली व बाहुबली के आगे जनपद की पुलिस अधीक्षका नतमस्तक रहती हैं| एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भी एक परिवार के सदस्यों को न्याय का इंतजार है जबकि सभी सातों नामजद आरोपी गाँव में खुले घूम रहे है| पुलिस प्रसासन आरोपियों से पूछताछ करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पायी| पीङित के पिता ने बताया कि हत्या सपा सरकार में हुई थी सरकार का बदलाव तो हो गया परंतु अभी भी पुत्र की हत्या के मामले में पिता को न्याय नहीं मिला।

हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के नई सराय के पास वहद छोटा खेड़ा के पास दिवंगत आशुतोष की 22/7/2016 को उन्नाव न्ययालय में 308 की तरीख थी वो तारीख करने के बाद मृतक आशुतोष घर पहुंचे, घर पर किसी व्यकित का फोन आया और आशुतोष 3 बजे शाम को हसनगंज के लिए निकल पड़े रात 7 बज कर 40 मिनट पर मृतक के पिता माता प्रसाद ने फोन कर घर आने को कहा, जिससे मृतक ने फोन पर कहा कि रस्तोगी ढाबे पर बैठा हूँ बस तुरन्त निकलता हूं| उसके बाद 8 बजकर 15 मिनट पर नवाबगंज से लौट रहे क्षेत्ररीय विधायक मस्त राम के भतीजे संजय को छोटा खेड़ा गांव के पास किसी व्यक्ति ने हाथ देकर गाड़ी रुकवा कर कहा कि किसी को यहाँ पर फेक दिया है, जब संजय ने गाड़ी से उतर कर देखा तो उन्होंने क्षेत्ररीय अमर उजाला के पत्रकार आशुतोष की पहचान की|

इसकी जानकारी मृतक के घर वालों को दी गयी| जब तक घर वाले पहुंचते तब तक कोतवाल प्रभारी मनोज मिश्रा ने मृतक की बॉडी सड़क के किनारे पड़े पेड़ के पास डलवाने लगे थे तो वहाँ पर खड़े विधायक के भतीजे ने इसका विरोध किया| विरोध बढ़ता देखकर कोतवाल मनोज मिश्रा ने कहना शुरू कर दिया कि ये तो एक्सीडेंट है| जनता ने इसका भी विरोध कर उच्चाधिकारियों को बुलाने पर अड़ गए| भीड़ देखकर कोतवाल मनोज मिश्रा ने कप्तान नेहा पाण्डेय को बुलाया| कप्तान व एडीशनल हरदयाल ने मौके पर पहुँच कर मृतक की बॉडी देखा और कहने लगे कि ये एक्सीटेंट नहीं है, ये तो मर्डर है क्योकि मृतक से 27 कदम दूर गाड़ी पड़ी जबकि मृतक हसनगंज से आ रहा था और गाड़ी विपरीत दिशा में पड़ी थी| मृतक के शरीर पर कोई भी चोट के निशान नही केवल 3 इंच का कान के नीचे एक किसी नुकीली चीज से छेद किया गया था| मृतक के कपड़े भी सही सलामत थे, मृतक की गाड़ी पैशन प्रो में केवल हेड लाइट व बम्फर तोङा गया बाकी गाड़ी सही सलामत है| मृतक के पिता ने गांव के ही अंजार आलम, सीयोब, पुत्रगण सब्बू ,मोहसिन पुत्र तौकीर, मुईद, मुन्ना पुत्रगण फरीदुल, इकबाल, फरीदुल पुत्रगण ताहिर आदि सात लोगों के खिलाफ मामला 302 हसनगंज कोतवाली में दर्ज हुआ लेकिन पूर्व सपा की सरकार में आरोपियों को सरक्षण मिला और आरोपियों से पूछताछ भी नहीं हो सकी और 302 की फाइल दबा दी गयी|

सरकार बदली तो फिर परिवार को न्याय की आस जागी, जिससे परिवार के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष ह्दय नरायन दीक्षित से लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्याय की गुहार लगाई है, उसके बाद भी योगी सरकार में पिता को न्याय नहीं मिला| जनपद में खुलेआम सातों अपराधी घूम रहे हैं, जिससे चोरी, लूट, डकैती, हत्या जैसी घटनाओं में बाढ़ आ गई है| पीङितों ने कहा कि पुलिस प्रशासन कब जागेगा, हमारी तरफ गरीब लोगों को कब न्याय मिलेगा कि पूर्व सरकार की तरह योगी सरकार में भी दर-दर भटकना पङेगा।

रिपोर्ट- जितेन्द्र गौड़ 

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