सैफुल्लाह को मोबाइल दिलाने वाले अजहर का सुराग नहीं पिता से पूछताछ

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कानपुर(ब्यूरो)– लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारे आतंकी सैफुल्लाह को रहमानी मार्केट का दुकानदार अजहर उर्फ शकील पुराने मोबाइल हैंडसेट और सिमकार्ड दिलाता था। साल भर पहले दोनों में तब दोस्ती हुई थी जब सैफुल्लाह अपना मोबाइल ठीक कराने के लिए उसकी दुकान पर पहुंचा था। मोबाइल बनाते-बनाते दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। इसके बाद अजहर भी उसके साथ जुड़ गया। मध्य प्रदेश में पैसेंजर में धमाका हुआ तो अजहर दुकान पर ही था लेकिन उसे घटना की जानकारी नहीं थी।

आतंकी कनेक्शन से इन्कार– रहमानी मार्केट व्यापार मंडल अध्यक्ष लड्डन भाई के पास रात एक बजे पुलिस पहुंची और उनसे सहयोग मांगा। मंडल अध्यक्ष ने दुकान पर लिखे मोबाइल नंबर पर अजहर को फोन किया तो उसके पिता असगर ने फोन उठाया। पुलिस के कहने पर सुबह अजहर के पिता असगर मार्केट पहुंचे और दुकान का ताला खोलकर तलाशी करायी लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। असगर ने बेटे के किसी आतंकी से जुड़े होने की बात से इन्कार किया और कहा कि उनका बेटा दुकान चलाता था। इसके अलावा उसका कोई और कारोबार नहीं था। आसपास के दुकानदारों ने भी यही जानकारी दी। व्यापार मंडल अध्यक्ष का कहना है कि मार्केट के सभी दुकानदार सहयोग को तैयार हैं। तलाशी के बाद पुलिस ने दुकान के पास सिपाही तैनात किए लेकिन अजहर नहीं पहुंचा।
हालांकि शाम को अजहर के दोनों मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गए। लोगों का अजहर के पिता से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। उधर रेलबाजार से फरार दूसरे संदिग्ध अफजल के बारे में खुफिया टीमें सुराग लगाने की कोशिश में दबिश देती रहीं।

आतिफ ने नहीं ली थी खोजखबर– जाजमऊ केडीए निवासी टेनरी संचालक एमएच नदवी की मौत के बाद बड़े बेटे अरशद ने फैक्ट्री संभाल ली। छोटे बेटे आतिफ ने लेदर डिजाइनिंग में कोर्स करने के लिए अलीगढ़ में दाखिला लिया था। सप्ताह में एक बार शहर आने वाले आतिफ ने परिवारीजन से अचानक दो माह से संपर्क तोड़ दिया। परिवारीजन ने उसके विषय में कोई भी जानकारी न होने की बात कही। यहां तक उन्होंने उसकी गिरफ्तारी तक की जानकारी होने से इन्कार किया। जबकि, वह मध्य प्रदेश पपरिया में गिरफ्तार किया जा चुका है। आतिफ की मां से एमएच नदवी ने दूसरी शादी की थी।

छानबीन से दुकानदार परेशान– कानपुर के रहमानी मार्केट में सोमवार शाम भीड़ द्वारा छुड़ाये गये अजहर की मोबाइल दुकान देखने और आसपास जानकारी लेने के लिए खुफिया, पुलिस व अन्य जांच टीमें आती रहीं। इससे आसपास के दुकानदार भी सहमे रहे। वहीं, आतंकी गतिविधियों में लिप्त युवकों की गिरफ्तारी को लेकर दिनभर खूब अफवाह फैली। खुफिया सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने कुछ अन्य स्थानों पर अजहर की तलाश में दबिश दी थी। लेकिन उसका पता नहीं लगा। माना जा रहा है कि वह शहर से बाहर निकल गया होगा।

बेटे ऐसा नहीं कर सकते– आतंकी सैफुल्लाह के तीन चचेरे भाइयों इमरान को उन्नाव, फैसल को कानपुर के जाजमऊ स्थित घर और दानिश को मप्र के पिपरिया से गिरफ्तार होने के बाद भी परिवार उन्हें गुनहगार मानने को तैयार नहीं। परिवारीजन अब भी यही दोहरा रहे हैं कि पुलिस उसके बेटों को फर्जी फंसा रही है।जाजमऊ ताड़बगिया निवासी पिता नसीम अहमद के मुताबिक वह रिश्तेदार के घर शादी में गए थे, तभी उन्हें घर में पुलिस के आने की जानकारी हुई। पता चला कि पुलिस ने फैसल व इमरान को गिरफ्तार किया। दानिश को पहले ही उठा लिया। उन्होंने दानिश को करीब तीन माह पहले कोई काम न करने पर भगा दिया था लेकिन वह आतंकी होगा यह गलत है। मां फरीदा भी बेटों को निर्दोष बताती रहीं। हालांकि इमरान की पत्नी कुछ भी बोलने से कतराती रही।

रिपोर्ट- डॉ. आर. आर. पाण्डेय
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