किसानों की हत्यारी मोदी सरकार के खिलाफ लडाई तेज होगी : वाम लोकतांत्रिक

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चकिया/चन्दौली (ब्यूरो) वनाधिकार के तहत आदिवासियों के अधिकार दिलाने, मनरेगा के मजदूरों को काम व मजदूरों की मजदूरी की भुगतान और वृक्ष विहीन पहाड़ी पर मजदूरों को खनन करने का पट्टा देने की दमन विरोधी दिवस पर मुद्दा उठाया |

मोदी जी पहले सत्ता पाने के सिए किसानों को झूठे वादे कर के लुभाया अब उनको मौत के घाट उतार रहे है, कर्ज के बोझ से किसान लगातार आत्महत्या कर रहे है यह सरकार कारपोरेट घरानो के तो कर्ज माफ करती है लेकिन किसानो के कर्ज माफी करने के अपने ही वादे से मुकर जाती है, दूसरी तरफ पशु बाजार अधियनियम लाकर पशुओ की खरीद विक्री पर रोक लगाकर किसानो की अर्थव्यवस्था पर ही हमला कर दिया है |

आज मध्यप्रदेश महाराष्ट्र के किसान आन्दोलन के रास्ते पर है उत्तर प्रदेश में योगी जी से शासन संभल नही रहा | इस सरकार के राज में आये दिन हत्या बलात्कार लूट राहजनी हो रही है, सामंती जातिवादी ताकतें दलितों की हत्या कर रही है, जो इस गूंगी-बहरी सरकार के शह पर हो रहा है |

उक्त बातें सोमवार को दमन विरोधी दिवस मनाने के लिए तहसील परिसर में इकट्ठा हुए सीपीएम, सीपीआई व जनमंच के नेताओं ने एक एक सभा के दौरान कहीं। वक्ताओं ने कहा कि गोहत्या रोकने केे नाम पर भगवा धारियों द्वारा मुस्लिमों पर हमले हो रहे हैं, योगी जी के गलत खनन नीति के कारण विकास ठप है | मीट बन्दी कर यह सरकार ने बेरोजगारी की बड़ी समस्या लाकर खड़ा कर दी है, लेकिन हम लोग किसानों की हत्यारी मोदी सरकार के खिलाफ लडेगें भी और जितेगें भी फांसीवाद की ताकत के खिलाफ लडाई तेज होगी वहीं वाम लोकतांत्रिक ताकतें लडाई का केन्द्र बनेगी, दमन विरोधी दिवस के प्रतिरोध धरना में माकपा राज्य कमेटी सदस्य श्री प्रसाद, भाकपा के जिला सचिव सुखदेव मिश्र, स्वराज अभियान के नेता व जनमंच के नेता अजय राय, लालमनी विश्वकर्मा, शिवमुरत राम गगलु प्रसाद, दिनदयाल, परमान्द कुशवाहा, विमल कुशवाहा रामचन्द्र, जय प्रकाश विश्वकर्मा, आदि शामिल रहे।

रिपोर्ट – ठाकुर मिथिलेश

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