सदन से लेकर सड़क तक होगा संघर्ष : विधायक चेतनारायण सिंह

0
60

वाराणसी (ब्यूरो) उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष व शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह ने कहाकि पुरानी पेंशन की बहाली हेतु सदन से सड़क तक संघर्ष के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने चरणबद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन को पूर्ण समर्थन की बात कही।और 5 सितंबर को शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।

उक्त बातें शनिवार को वरुणा स्थित शास्त्री घाट पर अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक जनपद वाराणसी ,उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड टीचर्स, अटेवा, एस/ एसटी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उर्दू बीटीसी समेत अनेक अनुषांगिक शिक्षक संगठनों द्वारा पुरानी पेंशन बहाली व राष्ट्रीय प्रारंभिक शिक्षा आयोग गठन समेत तीन सूत्रीय मांग के समर्थन में आयोजित एक दिवसीय विशाल धरना/ प्रदर्शन के दौरान कही। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि काम से हम पीछे नही हटेंगे, लेकिन हितों की अनदेखी न किया जाय।वरना प्रदेश के शिक्षक व कर्मचारी सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। हर हाल में पुरानी पेंशन लेने का संकल्प कराया।

धरने में पहुचे पहुचे पूर्व विधायक अजय राय ने केंद्र व प्रदेश में बीजेपी की सरकार है इसलिए उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि शिक्षको की मांग को तत्काल पूरा करे। उन्होंने कहा कि नेताओ की भी पेंशन बन्द करने व 50 वर्ष से ऊपर नेताओ को भी रिटायरमेंट करना चाहिए।

धरने की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष सकलदेव सिंह ने कहाकि पेंशन हम शिक्षकोका अधिकार है।जिसे हम लेकर रहेंगे।श्री सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आगामी 5 सितंबर को लखनऊ व 5 अक्टूबर को दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर पुरानी पेंशन को लेकर आयोजित धरना प्रदर्शन में इसी उत्साह से पहुचने की अपील की।
संचालन संयुक्त रूप से शैलेन्द्र विक्रम सिंह व मयंक सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

धरना प्रदर्शन को ज्वाला प्रसाद राय,डॉ महेंद्र सिंह, अरविंद सिंह पटेल, शिवमूरत यादव, रघुवंश राय, विनोद उपाध्याय, विनोद यादव,शशांक पांडेय,बृजेश यादव, गोपाल राम, प्रमोद उपाध्याय, यशोवर्धन त्रिपाठी, दीपक पांडेय, मयंक सिंह, राजीव सिंह, विनोद सिंह, रमेश तिवारी, जितेंद्र सिंह, संतोष सेठ, अनिरुद्ध, डॉ. कुसुम, शिप्रा पांडेय समेत अनेक शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किया।

रिपोर्ट – घनश्याम गुप्ता

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY