वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने विश्व बैंक में पूंजी बढ़ाने और सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया

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arun jatley

केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने विश्व बैंक में पूंजी बढ़ाने और सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया है जिससे बैंक के प्रशासन में उभरते विश्व की झलक मिल सके। वित्त मंत्री श्री जेटली ने विश्व बैंक समूह की प्रबंध निदेशक सुश्री मुलयानी इंद्रावती के साथ बैठक के दौरान कही। सुश्री इंद्रावती ने कल वित्त मंत्रालय में श्री जेटली से मुलाकात की। वित्त मंत्री ने वैश्विक गरीबी हटाने और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप साझा समृद्धि बढ़ाने के दो लक्ष्य तय करने पर विश्व बैंक की प्रबंध निदेशक की सराहना की।

इस अवसर पर सुश्री इंद्रावती ने वित्त मंत्री को विश्व बैंक समूह के एजेंडे की जानकारी दी। उन्होंने वैश्विक गरीबी हटाने और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप साझा समृद्धि बढ़ाने के दो लक्ष्य तय हासिल करने के लिए बैंक की रणनीति की भी जानकारी दी जो मोटेतौर से सतत विकास लक्ष्य 2015 के अनुकूल हैं। उन्होंने विश्व बैंक समूह की तरफ से फाइनांसिंग के विविधीकृत कार्यक्रमों, ज्ञान के आदान प्रदान और क्षमता निर्माण के जरिए भारत की विकास रणनीतियों में भागीदारी का आश्वासन दिया। सुश्री इंद्रावती 22-24 सितंबर 2015 के दौरान भारत की यात्रा पर हैं। विश्व बैंक समूह की प्रबंध निदेशक बनने के बाद यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है।

इस बैठक के दैरान दोनों नेताओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था संबंधी मुद्दों और सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इस चर्चा में अन्य बातों के अलावा विश्व बैंक फाइनांसिंग के लिए प्रधानमंत्री के प्राथमिकता वाले छह क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया। विश्व बैंक समूह की पूंजी वृद्धि और शेयरधारिता की समीक्षा के लिए रूपरेखा और समय सीमा तथा बैंक के खरीद एवं पर्यावरण तथा सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर भी चर्चा हुई।

बैठक के दौरान, विश्व बैंक में दक्षिण एशिया की उपाध्यक्ष सुश्री एन्नेटे डिक्शन, कार्यकारी निदेशक (भारत) श्री सुभाष गर्ग तथा देश निदेशक भारत श्री ओन्नो रूह्ल भी उपस्थित थे। आर्थिक कार्य विभाग के सचिव श्री शक्तिकांत, आर्थिक कार्य अपर सचिव श्री दिनेश शर्मा और मल्टीलैटरल इंस्टीट्यूशन्स के संयुक्त सचिव श्री राज कुमार भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग की तरफ से उपस्थित थे।

Source – PIB

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