गंगा में कचरा फेंकना हुआ बैन, लगेगा बड़ा जुर्माना |

0
391

62गोमुख से हरिद्वार तक अगर आपने गंगा में प्लास्टिक का कचरा डाला तो आप दंड भुगतने के लिए तैयार रहें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की मानें तो गंगा और उसके आसपास गोमुख से लेकर हरिद्वार तक किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के इस्तेमाल पर एक फरवरी से पूर्ण पाबंदी होगी। इस बारे में नदी में कचरा बहाने वाले दोषी होटलों, धर्मशालाओं और आश्रमों पर 5000 रूपए रोजाना जुर्माना भी लगाया।

उसने कहा कि यदि कोई भी होटल, धर्मशाला या आश्रम अपना घरेलू कचरा या जलमल गंगा या उसकी सहायक नदियों में बहाता है तो उसे नदी को प्रदूषित करने को लेकर 5000 रूपए रोजाना के हिसाब से पर्यावरण क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा।

हरित अधिकरण ने गंगा के सफाई कार्य को कई खंडों – गोमुख से हरिद्वार, हरिद्वार से कानपुर, कानपुर से उत्तर प्रदेश की सीमा तक, उत्तर प्रदेश की सीमा से लेकर झारखंड की सीमा तक और झारखंड की सीमा से बंगाल की खाड़ी तक में बांट दिया है।

प्लास्टिक पर पाबंदी के अलावा अधिकरण ने निगम अपशिष्ट, भवन निर्माण एवं तोड़फोड़ वाले मलबे को गंगा और उसकी सहायक नदियों में फेंके जाने पर रोक लगा दी और घोषणा की कि उल्लंघनकर्ता को 5000 रूपए प्रति घटना की दर से पर्यावरण मुआवजा का भुगतान करना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here