यू पी एंटी रोमियो के खिलाफ मुकदमा होगा दर्ज

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प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ (ब्यूरो)- राजधानी में कोई भी सुरक्षित न रहा है दिन प्रतिदिन बढ़ते अपराधों और अराजक तत्वों का खूब बोल वाला हो चला है । एक ओर जहाँ आम जनता से जुड़े ठगी के मामले प्रकाश मे आते ही रहते है वही अब प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं की छवि पर भी बन आयी है । ज्ञात हो तो हाल ही मे , लेडी सिंघम के नाम से जानी जाने वाली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी के नाम का एक फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाया गया था । और जिसे बहुत ही सफाई के साथ इस्तेमाल किया जा रहा था । वही अब पुलिस प्रशासन के यूपी एंटी रोमीओ स्क्वाड का फर्जी फ़ेसबुक अकाउंट चल रहा है वही साइबर क्राइम वालो को इसकी ख़बर तक नही है ।

फ़ेसबुक पर फर्जी तरीके से चल रहे एंटी रोमीओ स्क्वाड का पता तब चला जब एक न्यूज़ पोर्टल के संवाददाता को  फर्जी एंटी रोमियो प्रोफाइल की ओर से धमकी व अभद्र टिप्पणियाँ आना शुरू हुई यही नही इस प्रोफाइल मे पुलिस प्रशासन की आपत्ति जनक तस्वीरें होने के साथ ही रहने का पता नई दिल्ली पड़ा हुआ है जिसमे पब्लिक रीलेशन ऑफीसर नई दिल्ली होने का भी दावा किया गया है । फर्जी रूप से चल रहे इस अकाउंट के सम्बन्ध मे थाना विकासनगर मे तहरीर दी गयी है साथ ही पुलिस प्रशासन की साइवर क्राइम मे शिकायत होने के बाद इसकी छानबीन शुरू कर दी गयी है । इस तरह से फर्जी फ़ेसबुक आई डी ने  एक बार फ़िर यू पी पुलिस प्रशासन के साइबर क्राइम से सम्बन्धित सभी सुरक्षा के दाँवो को फेल कर दिया है ।

इससे पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कई घटनाएं-
इस प्रकार की यह घटना पहली बार नहीं हुई इससे पहले भी कई बार हो चुकी हैं । एक एम बी ए छात्र द्वारा सरकारी मेल पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी के फर्जी फ़ेसबुक अकाउंट की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मे हड़कम्प मच गया और एसएसपी का आदेश मिलते ही पीआरओ अरूण कुमार सिंह हजरतगंज कोतवाली पहुंचकर और अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर क्राइम की धारा 66 डी के तहत रिपोर्ट दर्ज करायी थी । अब इस मामले की आगे की छानबीन साइबर क्राइम सेल को दी गयी है। साइबर क्राइम सेल इस बात का पता लगाने में जुट गया कि एसएसपी के नाम से बनायी गयी फर्जी फेसबुक आईडी किसी आईपी एड्रेस से बनायी गयी थी। इसके अलावा आईपीएस अधिकारियों के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बनायी जा चुकी है। साल 2014 में तत्कालीन एसएसपी यशस्वी यादव के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनायी गयी थी। इस मामले में पुलिस ने उन्नाव निवासी राहुल मिश्र नाम के एक युवक को गिरफ्तार भी किया गया था।

साल 2015 में आईजी वूमन पावर लाइन नवनीत सिकेरा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनायी गयी थी। इस मामले में गौतमपल्ली पुलिस ने कैण्ट के नीलमथा निवासी अभय नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था। सिर्फ इतना ही नहीं आईपीएस अधिकारियों के अलावा कई बड़ी राजीतिक हस्तियों के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बन चुकी है। चंद रोज पहले बसपा सुप्रीमों के नाम से फर्जी ट्विटर एकांउट भी बनाया गया था। इस मामले मे भी गौतमपल्ली थाने में एफआईआर दर्ज हैं और पुलिस मामले की छानबीन में लगी है। अभी तक किसी तरह की कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई ।

फर्जी रूप से सोशियल मीडिया पर चल रही प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों की फर्जी आई डी ने एक बार फ़िर पुलिस प्रशासन के सभी सुरक्षा दाँवो को चूर चूर कर दिया है जिससे यह साबित होता हैं कि कोई भी कही भी सुरक्षित नहीं हैं ।

रिपोर्ट- सत्यप्रकाश

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