वर्ष २०४८ तक समुद्र से विलुप्त हो जाएंगी मछलियां

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गोरखपुर(ब्यूरो)- मारवाड़ बिजनेस स्कूल के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित सेमिनार में पानी की खतरे पर गंभीर आशंका व्यक्त की गई| कहा गया है कि अगर समुद्र के अम्लीकरण को नहीं रोका गया तो इस सदी के मध्य तक समुद्र मे मछलियां विलुप्त हो जायेगी|

आज मारवाड़ बिजनेस स्कूल में ‘२१वीं सदी में पर्यावरणीय समस्याएं’ विषय पर आयोजित सेमिनार में तिलकामाझी भागलपुर युनिवर्सिटी के बायोटेक्नालाजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष एंव अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. एसपी राय ने कहा मनुष्य द्वारा निर्मित आर्गन, क्लोरीन, क्लोरोफ्लोरो कार्बन, रेडियोएक्टिव आइसोटोप वातावरण प्रदूषण के प्रमुख कारण है इससे समुद्र के पानी पर भी खतपा मंडराने लगा है| अगर समुद्र के पानी को एसिडिफिकेशन से नहीं बचाया गया तो २०४८ तक समुद्र से मछलियां विलुप्त हो जायेंगी|

यह सेमिनार रविवार की रात १२ बजे से सोमवार की सुबह ७.३० बजे तक रहा| डा.संतोष कुमार, प्रो. शरद मिश्र, डा.आर. के. उपाध्याय समेत कुल ११९ डेलीगेट मौजूद थे| डॉ. रजनी दूबे ने इस कार्यक्रम का संचालन किया|

रिपोर्ट-जयप्रकाश यादव

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