शहर के मध्य बन रहे फ्लाई ओवर की जांच की मांग

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प्रतीकात्मक
प्रतीकात्मक

– शहर के मध्य से राष्ट्रीय राज मार्ग का निर्माण देश में पहला ऐसा जिला मुख्यालय है जहा शहर के मध्य भारी वाहनों का आवागमन केे लिए फ्लाई ओवर व सड़क का निर्माण किया गया है। पूर्व मेें जिम्मेदार लोगों के निष्क्रियता से मार्ग का निर्माण किया गया। अब इसी मार्ग पर छुटे हुए क्षेत्र से फ्लाई ओव्हर का निर्माण किया जा रहा है। जो कि तकनिकी दृष्टी से कहीं से भी उचित दिखाई नही देता इससे साफ जाहिर होता है कि केवल राशि कैसी खर्च की जाए चाहे शहर की जनता को इस निर्माण से लाभ हो या न हो इसकी परवाह न करते हुए तकनीकि अधिकारीयों ने अपने पावर का दुरूपयोग करते हुए नक्शा तैयार करके गलत ढग़ से फ्लाई ओव्हर का निर्माण किया जा रहा है।
प्यारेलाल चौक व नए बस स्टैण्ड चौक को खोलकर ऊपर उठाने के उद्देश्य से फ्लाई ओव्हर का निर्माण किया जाना था। किन्तु स्थल निरक्षण करने पर दोनों चौकों का महत्व खत्म करके अपने उद्देश्य की पूर्ति करना ही जिम्मेदार लोगों की जवाबदारी बन गई ऐसा प्रतीत हो रहा है। फडनवीस ने बताया कि समिति इसकी जानकारी के लिए एन.एच. आफिस रायपुर के अधिकारियों से संपर्क करके जानकारी ली थी। जहा आठ सौ मीटर का निर्माण कार्य बताया गया था। शहर में बाईपास का निर्माण प्रथम चरण में पूर्ण हो चुका है साथ ही उसमार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन के लिए इस मार्ग का निर्माण किया गया है। साथ ही दूसरे चरण के लिए फरहद चौक पर फ्लाई ओवर का निर्माण की निविदा जारी हो चुकी है।
इससे साफ जाहिर होता है कि बाईपास मार्ग ही भारी वाहनों के आवागमन के लिए यह मार्ग का निर्माण किया गया है। इसके पश्चात् भी शहर के मध्य राष्ट्रीय राज मार्ग को चालू रखना किसी भी तरह से इस शहर के हित के लिए उचित नही है। इसकी जांच की जानी चाहिए व किस उद्देश्य की पूर्ति करने के लिए यह निर्णय लेकर करोड़ो रूपए की राशि खर्च की जा रही है। करोड़ों रूपए खर्च करने के पश्चात भी कही से जनहित मे लाभ नजर नही आता।

रिपोर्ट- हरदीप छाबड़ा
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