फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट ने उखाड़े पुलिस के झूठ के पुलिंदे

0
41

रायबरेली(ब्यूरो)- पुलिस अपराधों को छुपाने के लिये कैसे-कैसे झूठे किस्से गढ़ लेती है इसका एक नमूना अपटा गांव में हुये सामूहिक नरसंहार प्रकरण में भी देखने को मिला है। जहां पुलिस के झूठ के पुलिंदे की बखियां स्वयं वहां पहुंची फोरेंसिक टीम ने उखाड़ी है।

सूत्रों के अनुसार इस जघन्य हत्या कांड की फोरेंसिक जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रमोद कुमार श्रीवास्तव एवं वैज्ञानिक प्रतिभा त्रिपाठी को सौपी गयी थी। उन्होंने अपने अन्य सहयोगियों के साथ घटनास्थल एवं आरोपी ग्राम प्रधान के घर का सूक्ष्म निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां से कुछ फोरेंसिक नमूने एकत्रित किये। जिसकी जांच लेबोरिटी में कराई जायेगी। जानकार बताते हैं कि उन्होंने अपनी प्रथम दृष्टया रिपोर्ट में ग्राम प्रधान के घर पर पाये गोलियों के निशान के एंगिल एवं निशानों की गहराई के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि वहां पाये गये गोलियों के निशान अंदर की ओर से चलायी गयी गोलियों के हैं। यहीं नहीं उनकी प्रथम दृष्टया जांच रिपोर्ट में भी गाड़ी को जलाने की संभावना व्यक्त की गयी है।

रिपोर्ट- राजेश यादव 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here