वाटरशेड अंतर्गत मृदा संरक्षण एवं जल संचयन कार्य पूरा करने में वन विभाग के अधिकारियों का छूट रहा है पसीना

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हवेली खड़गपुर- खड़गपुर प्रखंड के मधुबन वन क्षेत्र में वाटरशेड अंतर्गत मृदा संरक्षण एवं जल संचयन कार्य का मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने की खबर से इस कार्य को पूरा करने में वन विभाग के अधिकारियों का पसीना छूट रहा है जानकारी हो कि खड़कपुर पहाड़ी क्षेत्र के विस्तार में अवस्थित मुंगेर वन प्रमंडल का मधुबन वाटरशेड अंतर्गत मृदा संरक्षण एवं जल संचयन उद्देश्य की पूर्ति हेतु प्रबंधन कार्य वित्तीय वर्ष 2014 – 15 में ही क्रियान्वयन किया जाना था| विभागीय उदासीनता एवं लूट संस्कृति के कारण यह योजना कार्य पूरा नहीं होने के कारण और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आगामी 30 मई को उद्घाटन की तिथि निर्धारित किए जाने से वन विभाग के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है| यह वाटरशेड मधुबन ग्राम की परिधि में स्थित है| मधुबन वाटरशेड का कुल रकबा 502. 70 हेक्टेयर वन क्षेत्र है तथा यह पूर्ण रूप से खड़कपुर पहाड़ी की तलहटी में स्थापित है| वाटरशेड उपचारित क्षेत्र अंतर्गत कुल 155 संरचना का निर्माण किया गया है, जिसमें वाटरशेट के उपरी तथा मध्य भाग में विभिन्न पहाड़ी नाले को बांधने हेतु कुल 102 लूज वोल्डर संरचना तथा नीचे भाग में जल संरक्षण हेतु कुल 18 गाद रोधक बांध दो जल संचयन टैंक पांच गाद रोधक बांध गैवियन एवम 48 कच्चा चेक डैम संरचना का निर्माण कार्य किया गया है|

उक्त वाटरशेड उपचारित क्षेत्र भीमबांध वन्य आश्रयणी का अंश भाग में है| मधुबन ग्राम की परिधि में अवस्थित होने के कारण निर्मित जल संचयन संरचना वन प्राणियों की आवश्यकता के साथ-साथ मधुबन ग्राम के पशुधन की भी पेयजल की आवश्यकता को ग्रीष्मकाल में परिपूर्ण हो सके| जल संचयन के कारण भूजल स्तर में अपेक्षित लाभ प्राप्त हो तथा ग्राम क्षेत्र के कृषि भूमि की नमी को संरक्षित करने में सफल सिद्ध सके| निकट भविष्य में उक्त वाटरशेड में उपलब्ध क्षेत्र में फलदार पौधों के वृक्षारोपण के साथ वन प्राणी चारागाह विकसित किया जाना है| इस संबंध में पूछे जाने पर वनो के क्षेत्र पदाधिकारी सहित कोई भी पदाधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है|

रिपोर्ट- पियूष कुमार प्रियदर्शी 

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