बाघ और तेंदुए की खाल से पैसा झड़ाने की लालच में 4 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े

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भानुप्रतापपुर/छत्तीसगढ़(रा.ब्युरो)-  बाघ तथा तेंदुए कि खाल से 4 आरोपियों द्वारा करोड़ों रुपया पैसा झड़ाने के लालच में तांत्रिक की खोजबीन कर रहे थे जिन्हें क्राइम ब्रांच एवं पुलिस ने पकड़ा।

थाना प्रभारी जीएस ठाकुर से मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से 1 दिन पूर्व सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के द्वारा भानुप्रतापपुर में बाघ की खाल बेचने की कोशिश की जा रही है ।
सूचना पर पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम गुप्त रुप से संभावित स्थलों सड़कों पर निगाह रखे हुए थे |

रविवार दोपहर को टीम ने अंतागढ़ रोड साईं मंदिर के पास घेराबंदी कर मोटरसाइकिल से आ रहे 2 लोगों को पकड़ा गया दोनों के पास से बोरे में भरी हुई तेंदुए की खाल बरामद हुई।

पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि उनके और साथी बाघ की खाल से भी पैसा झड़ाने के लिए तांत्रिक की तलाश कर रहे हैं और वे भी भानुप्रतापपुर आ रहे हैं । कुछ समय के बाद वे लोग भी पहुंच गए पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की उन्होंने बताया कि कोयलीबेड़ा के पास एक गांव में बाघ की खाल को रखे हैं। तत्काल पुलिस कोयलीबेड़ा गई और खाल जप्त कर भानुप्रतापपुर लाई|

पुलिस ने आरोपी महातम दहीले 52 वर्ष निवासी दल्ली राजहरा, पुनीत नागवंशी 45 वर्ष ऑलकन्हार मानपुर, चैनलाल यादव निवासी कोयलीबेड़ा,तथा संतोष धुरु निवासी कोटपारा नगरी ,के खिलाफ मामला दर्ज हिरासत में ले लिया इन आरोपियों के पास से तीन मोटरसाइकिल भी जप्त किया गया जिनमें एक बूलेट एक स्पेलंडर तथा सीडी डीलक्स है । बाघ की खाल की लंबाई 11 फीट तथा तेंदुए की खाल की लंबाई 6 फीट पाई गई दोनों खालो की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपए बताई जा रही है।

इन लोगों के मन में यह अंधविश्वास भरा था कि खालो के माध्यम से तांत्रिक क्रिया कर करोड़ों अरबों रुपए की बारिश की जा सकती है। इसलिए चारों आरोपियों ने भानुप्रतापपुर में तांत्रिक की तलाश कर रहे थे।

क्षेत्र में इस तरह की यह तीसरी घटना है एक वर्ष पूर्व अंतागढ़ में तथा लगभग 4 वर्ष पूर्व भानुप्रतापपुर में भी इसी तरह के तांत्रिक क्रिया के लिए लाए गए बाघ के खाल के साथ कुछ लोग पकड़ाए हुए थे ।

इन लोगों का अंधविश्वास इतना गहरा है कि उन्हें सचमुच ऐसा लगता है कि रुपए की गड्डियां हवा हवा में तैरती हुई आकर बाघ की खाल में बरसेगी।
इस अंधविश्वास से वन्य जीव विलुप्त हो रहे है।।

रिपोर्ट-हरदीप छाबड़ा

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