दवा से चार बच्चों की हालत बिगड़ी

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रायबरेली। सलोन क्षेत्र में अल्बेंडाजोल की दवा खाने से ग्राम सभा अता गंज के एक मदरसे के लगभग दो दर्जन बच्चो की हालत बिगड़ गई। आनन फानन में बच्चो को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। कुछ बच्चो को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। जबकि चार बच्चो की हालत में सुधार ना होने पर उन्हें भर्ती कर लिया गया।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत विकास क्षेत्र के समस्त विद्यालयों में पेट में होने वाले कीड़े मारने की दवा अल्बेंडा जोल खिलाई जा रही थी। इसी दौरान ग्राम सभा अतागंज के मिस्बाहुल उलेमा मदरसे में उक्त दवा के सेवन से लगभग दो दर्जन बच्चो की हालत बिगड़ गई। बच्चो को वही पर उलटियां शुरू हो गई तो बच्चो ने शिक्षको से चक्कर आने की शिकायत भी की।जिसके बाद शिक्षकों के हाथ पैर फूल गये। गंभीर अवस्था में सकीर पुत्र नवाब(11),नहिर अली पुत्र आसिफ(13)मनदसा पुत्री अनवर(13),रेशमा पुत्री जहीर(10),समीना पुत्री जहीर(12),रसीदा पुत्री रफीक(10),तैसीब पुत्री सरताज(12),शिबली पुत्र ताहिर(8), हेरा पुत्री मोहम्मद अयूब(8), तहसीन पुत्री असफाक(12),नाजिया पुत्री अनवर(12),शबाना पुत्री याकूब सहित दो दर्जन बच्चो को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराकर तत्काल उपचार शुरू कराया गया। इलाज के दौरान कुछ बच्चो को घर भेज दिया गया।हालात में सुधार ना होने पर हेरा,तहसीन,नाजिया,शबाना को उन्हें भर्ती कर लिया गया।बताया जाता है कि बच्चो को खाली पेट दवा देने से उनकी हालत बिगड़ी है। हालाकि मदरसे के शिक्षक मोहम्मद रिजवान ने बताया की बच्चो से यह पूछकर दवा खिलाई गई की उन्होंने सुबह नास्ता किया था या नही। वही बच्चो की हालत बिगड़ने की खबर जब परिजनों को हुई तो हड़कम्प मच गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे परिजनों ने शिक्षकों को खरी खोटी सुनाते हुए बच्चो के साथ कुछ गलत होने पर कार्यवाही की चेतावनी दे दी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर पीके बैसवार ने बताया की कोई गंभीर मामला नही है। बच्चो को खाली पेट दवा दिए जाने से ही इस तरह की दिक्कत होती है।बच्चो को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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