राजस्व को चूना लगा रहे चिकित्सक

0
41

केराकत/जौनपुर (ब्यूरो) प्रदेश सरकार राजस्व का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य विभाग पर खर्च करती है। राजस्व से ही अपनी सेवा के एवज में सरकारी चिकित्सक वेतन पातें है और सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर अपनी हाजरी लगाते हैं लेकिन जब वही चिकित्सक वेतन तो लें सरकारी चिकित्सालयों में बैठने का पर बैठते हो अपने ही निजी चिकित्सालय में तो आप क्या कहेंगे।

मामला है जौनपुर के सुमार तहसील केराकत के समुदायिक केंद्र का यहाँ के चिकित्सक अधीक्षक पद पर तैनात डॉ. वी. पी. द्विवेदी सप्ताह के एक दिन ही समुदायिक केंद्र पर दिखाई पड़ते हैं । सूत्रों से मिली खबर से पता चलता है कि डॉ. द्विवेदी जी वेतन तो सरकार से लेते हैं पर सेवा वो अपने निजी चिकित्सालय पर देते हैं । कई महीनों से वो राजस्व को बड़े ही सफाई से चूना लगा रहे हैं । इस बात से तो मरीज भी अनजान रहते हैं कि वो किससे अपना इलाज करा रहे हैं । मरीज को तो अपनी परेशानी से छुटकारा मिले तब ना वो चिकित्सकों की उपलब्धता जाँचे।

यहाँ ये सवाल उठता है के बायोमैट्रिक हाजरी को अनिवार्यता तो दे दिया गया है पर इसका अनुपालन कहाँ तक हो पाता है। क्या सरकारी महकमे के लोग राजस्व को ऐसे ही चूना लगाते रहेंगे। क्या इन पर नकेल कसने के लिए सरकार को कोई ठोस कदम नहीं उठाने चाहिए।

रिपोर्ट – अमित कुमार पाण्डेय

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY