किराया न दे पाने की वजह से सीढ़ियों पर सोने से लेकर, 21 साल की उम्र में मिलिनियर बनने तक का सफ़र

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ritesh aggarwal

21 साल की उम्र में एक कॉलेज ड्राप आउट जो की कभी इंजीनियर बनना चाहता था आज करोड़ो की कंपनी का मालिक है रितेश अग्रवाल ओडिशा से कोटा आकर इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे थे इस दौरान वो अक्सर नए स्टार्टअप के बारे में जानने क लिए दिल्ली आते – जाते रहते थे इस दौरान उन्होंने नोटिस किया की बिजनेस के लिए ट्रेवल करने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को होटल्स में अच्छी सर्विस नही मिल पाती, और 2011 में जब वो सिर्फ 18 साल के थे उन्होंने AIRBNB का भारतीय रूप OREVAL शुरू किया शुरुवात में अपनी जीविका चलने के लिए रितेश ने सिम बेचे कई बार घर का किराया न दे पाने की वजह से उन्हें बहार सीढियों पर ही सोना पड़ा लेकिन शुरुवात के पहले साल में ही उन्होंने VentureNursery से 30 लाख का निवेश प्राप्त किया |

शुरुवात में इंटर्नस की एक छोटी सी टीम सारा काम करती थी | 2012, पहला कर्मचारी शाहिल अरोरा जो की एमिटी का एक नया लड़का था वह उन अद्भुत प्रतिभाओं में से एक था जिनके साथ मैंने कभी काम किया था, वैसे तो उसे ई-मेल लिखना भी नही आता था पर 8000 प्रतिमाह की सैलरी में मै इससे ज्यादा कुछ सोच भी नहीं सकता था |

जब वो 19 साल के हुए उन्हें THIEL-FELLOWSHIP के लिए चुना गया, THIEL-FELLOWSHIP एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता है जिसमे भारत की ओर से वो एकमात्र विजेता थे जहाँ से उन्हें अपना बिजनेस शुरू करने के लिए 2.7 लाख प्रतिमाह और बिजिनेस शुरुवात में दिशानिर्देश भी मिला 19 साल की उम्र में ही उन्होंने OREVAL को बदलकर OYO ‘ब्रांडेड होटलों का बाज़ार’ कर दिया उसी वर्ष OYO को लाइट स्पीड वेंचर पार्टनर्स से 4 करोड़ का निवेश और DSG consumer पार्टनर्स सिंगापुर से 14 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ | जब वो 20 साल के हुए OYO को निवेश मिलना जारी रहा और Sequoia Capital ने OYO में 36 करोड़ का निवेश साथ ही LSVP 60 करोड़ का निवेश किया |

हाल ही में जापान की कंपनी सॉफ्ट बैंक ने OYO में 100 मिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है |

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