फलों को हानिकारक रसायनों के साथ पकाया जा रहा है

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प्रतीकात्मक फोटो

जालौन (ब्यूरो)- लोगों को स्वस्थ्य रखने वाले फलों को हानिकारक रसायनों से पकाया जा रहा है। जिसके कारण स्वास्थ्यवर्धक फल गर्मी के मौसम में लोगों को स्वस्थ्य रखने के बजाए उन्हें बीमारियों की सौगात भेंट कर रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार विभाग मौन धारण किए हुए है।

लोगों में सामन्य धारणा एवं चिकित्सकों की सलाह के अनुसार फलों का सेवन करने से लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। कोई भी बीमारी होने पर डाॅक्टर फल सेवन करने की सलाह देते हैं। बीमारियां दूर करने वाले ये फल प्राकृतिक रूप से न पकाए जाने के कारण स्वास्थ्य वर्धक के स्थान पर रोगवर्धक ही सिद्ध हो रहे हैं। बाजार में बिकने वाले केला व अंगूर को एथराइल नामक हानिकारण रसायन से पकाया जा रहा है। एथराईल से जहां फल जल्दी पक जाते हैं वहीं इनका साइज भी बड़ा हो जाता है। तरबूज को मीठा करने के लिए सेकरीन के इंजेक्शन का प्रयोग किया जा रहा है।

इसके अलावा तरबूज व अनार को रंगीन बनाने के लिए रासायनिक रंगों का भी उपयोग किया जा रहा है। तरबूज, कद्दू, लौकी, खरबूजा आदि को जल्दी बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित आॅक्सीटोसीन इंजेक्शनर का प्रयोग किया जा रहा है। एक ओर जहां फलों को आकर्षक व रंगीन व बड़ा बनाने के लिए रासायनिक रंगों का प्रयोग किया जा रहा है, तो वहीं, दूसरी ओर हरी सब्जियों में भी रासायनिक रंगों व प्रतिबंधित रसायनों का उपयोग किया जा रहा है। करेला, पालक, भिंडी, तोरई, हरी धनियां आदि को ताजा दिखाने के लिए हरे रंग का उपयोग किया जा रहा है।

इन हानिकारण रसायनों के प्रयोग के बाद कोई भी फल व सब्जी लोगों के लिए स्वास्थ्य वर्धक नहीं रहती है। इसके बाद भी खाद्य एवं सुरक्षा विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जब इस संदर्भ में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही गोपनीय ढंग से पता लगाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव

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