गाँवों में तैनात सफाईकर्मी स्कूलों में नहीं लगाते झाड़ू

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)- प्रदेश सरकार जहाँ स्वच्छ भारत मिशन को साकार बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है वहीँ सरकार के सपनों पर जिले के सफाई कर्मी पानी फेर रहे है। जिले के सफाई कर्मी मनमानी पर उतारू है । गाँवों में तैनात सफाई कर्मियो की लापरवाही इस कदर हावी हो गयी है कि ये न तो गाँव में स्थित विद्यालय की सफाई कर रहे है और न ही गाँवों में बजबजाती नालियों की।

बीते माह शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त ने एक बैठक की थी, जिसमे जिले के डीपीआरओ से लेकर सभी उच्चाधिकारियों को सफाई कर्मियो से कड़ाई से कार्य लिए जाने का हुक्मनामा जारी किया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक सफाई कर्मियों की उपस्थिति पंजिका विद्यालयों में रखे जाने, स्कूलों की सर्व प्रथम सफाई किये जाने उसके पश्चात गाँवों की सफाई किये जाने का निर्देश हुआ था।

सफाई कर्मियो के आभाव में विद्यालयों में जमीं बड़ी-बड़ी घांस कभी भयावह रूप लेकर गोरखपुर की घटना की यादें ताजा कर देंगी। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में न तो चपरासी की व्यवस्था है न ही स्वीपर की ऐसे में राम भरोसे प्राथमिक विद्यालय चल रहे है।

लालगंज विकास खण्ड के प्राथमिक विद्यालय खेमसरी में तैनात सफाईकर्मी कभी स्कूल में सफाई करने नहीं जाता है, वही हाल प्राथमिक विद्यालय खानापट्टी का है, जहाँ सफाई कर्मी के आभाव में सफाई रामभरोसे चल रही है। प्राथमिक विद्यालय उमापुर में भी पहली जुलाई के बाद सफाईकर्मी स्कूल ही नहीं गया। यह तो एक बानगी है ऐसे न जाने कितने सफाईकर्मी है जो स्कूलों की सफाई न कर बाजारों में घूमते नजर आयेगे। समय रहते जिला प्रशासन न चेता तो स्कूलों में जमी घांस से बड़ा हादसा होगा ।

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