जीवामृत विधि से खेती करने के बताये गए लाभ

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अमेठी(सुल्तानपुर ब्यूरो)- जीवामृत विधि द्वारा खेती करने से किसानों को रसायनिक दवाओं से छुटकारा तो मिलता है साथ ही अनाज की गुणवत्ता में कोई कमी भी नही रहती। उपरोक्त बाते समग्र ग्राम विकास काशी प्रान्त टोली सदस्य विश्वनाथ कश्यप ने किसानों के प्रशिक्षण के अवसर पर हरिहरपुर में कही। विदित हो कि रक्षा मंत्री द्वारा गोद लिए समग्र गाव हरिहरपुर में 150 किसानों को जीरो बजट आधारित खेती करने के बारे में समुचित ढंग से प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया है । जिसमे पूर्व में पहली शिफ्ट में 30 किसानों को दूसरी शिफ्ट में 60 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। बाकी 60 को प्रशिक्षण 27 मार्च से तीसरी शिफ्ट में किसानों को प्रशिक्षत किया जायेगा।

पं दीन दयाल उपाध्याय उन्नत कृषि शिक्षा योजना के तहत हो रहे विकास खंड शाहगढ़ के हरिहरपुर राजस्व गांव में पाँच दिवसीय आवासीय कम प्रशिक्षण के आज समापन के अवसर पर कशी प्रान्त टोली के सदस्य विश्वनाथ ने मौजूद किसानों को जीरो बजट खेती खेती करने के गुण बताये। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान गौमूत्र , जीवाणु युक्त मिटटी, 1 किलो गुण व पानी से जीवामृत बनाने की विधि बतायी।

इस मौके पर उन्होंने किसानों को पंचगव्य द्वारा 108 रोगों का इलाज किये जाने की विधि भी बताई। जैसे पीलिया, बुखार, दमा, लिकोरिया, मस्तिष्क रोग, हृदय रोग, कैंसर, कान के रोग, दाँत के रोग, गठिया बाई आदि जैसे गम्भीर बीमारियों का उपचार के तरीके बताए। मुख्य अतिथि कश्यप ने विदित हो की रक्षा मंत्री भारत सरकार के गोद लिए गाव हरिहरपुर में समग्र विकास होना है। इस मौके पर केंद्र प्रभारी पंकज पांडे, रमा शंकर तिवारी, हरि ओम शुक्ला, हेमन्त पांडे, बबलू तिवारी, अजित सिंह आदि मौजूद रहे।

रिपोर्ट- दीपक मिश्रा

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