गंगाघाट पुलिस का नया कारनामा, मानसिक बीमार किशोर को सट्टे के आरोप में भेजा जेल

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शुक्लागंज/उन्नाव (ब्यूरो)- परिजनों की मानें तो किशोर पोनी रोड स्थित एक फास्ट फूड की दुकान में करता है बर्तन धोने का काम और कल शाम थाने के ही एक दरोगा उसको दुकान से ही अपने साथ ले गए थे ।

इन दिनों आईपीएल का मैच होने की वजह से नगर में सट्टे का खेल जोरों पर चल रहा है, जिसकी सम्पूर्ण जानकारी गंगाघाट पुलिस को है पर गंगाघाट पुलिस सट्टा खिलवाने वाले संचालकों को पकड़ने के बजाए निर्दोषों को सट्टे के आरोप में जेल भेज अपने उच्चाधिकारियों से अपनी पीठ थपथपवा कर लोगों को भ्रमित कर रही है ।

आज गंगाघाट पुलिस ने अपना गुडवर्क दिखाने के लिए एक ऐसे नाबालिक किशोर को सट्टे के आरोप में जेल भेज दिया जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है और वह किशोर पोनी रोड स्थित एक फास्ट फूड की दुकान पर बर्तन धोने का काम करता है|

पुलिस के द्वारा आरोपी बनाए गए आरोपी रामू उर्फ भोलू गुप्ता ( 15 वर्ष ) पुत्र स्व. गोपाल गुप्ता के बड़े भाई दुर्गेश गुप्ता ने बताया कि उसका भाई एक मानसिक बीमार होने की वजह से एक फास्ट फूड की दुकान पर काम करता है तथा कल उसका भाई दुकान पर ही बैठा था तो थाने के ही एक दरोगा उसको बहाने से अपने साथ ले गए और आज उसको सट्टे के आरोप में जेल भेज दिया ।

भोलू के भाई ने बताया कि गंगाघाट पुलिस ने उसके भाई को फर्जी आरोप लगा उसको जेल भेज दिया । अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर आरोपी भोलू सट्टा लगा रहा था तो सट्टा लगवाने वाले पुलिस के हत्थे क्यूं नहीं चढ़े ?

और अगर सट्टा संचालक भाग भी गए मौके से तो मौके पर डायरी और मोबाइल कैसे पुलिस को मिल गए ? और पुलिस ने मौके से बरामद डायरी व मोबाइल को इन आरोपियों का होना किस आधार पर बता दिया ?

वहीँ कोतवाली क्षेत्र के परमसुखखेड़ा गांव में नगर के ही सट्टा संचालक खुलेआम सेंसेक्स व सट्टे जैसे अन्य खेल खुलेआम संचालित कर रहे हैं, क्या गंगाघाट पुलिस को इस संचालित अड्डे के बारे में कोई जानकारी नहीं है क्या या पुलिस जानबूझकर कर अंजान बन सिर्फ निर्दोषों को ही जेल भेज सट्टा संचालकों को संरक्षण देने का ही कार्य करती रहेगी ?

वाह रे सूबे के मुखिया योगीजी धन्य है आपकी कर्मठ व ईमानदारी का ढोल पीटने वाली गंगाघाट पुलिस, जिसकी जितनी प्रसंशा की जाए उतनी ही कम है ।

रिपोर्ट-शैलेन्द्र द्विवेदी

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