लाल निशान छूने को बेताब घाघरा

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बहराइच (ब्यूरो) लगातार हो रही बारिश से घाघरा का जलस्तर कहर बरपाने लगा है। कटान तेज हो गई है। बाढ़ का पानी खेतों में भरने लगा है। लाल निशान छूने को घाघरा बेताब दिख रही है। शुक्रवार को घाघरा का जलस्तर घूरदेवी के पास खतरे के निशान से 92 सेमी व एल्गिन ब्रिज के पास 24 सेमी नीचे बह रहा था। जलस्तर बढ़ने के बाद कटान और तेज होने लगी है। कायमपुर व गोलागंज में दो घर नदी की धारा में समा गए, जबकि 35 बीघे जमीन भी कटकर नदी में विलीन हो गई।


कटान प्रभावित गोलागंज का एसडीएम महसी ने निरीक्षण किया। लोगों को बाढ़ व कटान से सतर्क रहने की अपील की। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। 1बौंडी संवादसूत्र के अनुसार गोलागंज, जर्मापुर, कायमपुर, पिपरिया, चिरईपुरवा व पचदेवरी में कटान जारी है। तकरीबन 35 बीघा कृषि योग्य भूमि व दो आशियानें घाघरा की धारा में समाहित हो गए। कटान के भय से नदी के मुहाने पर बसे गांवों के लोग घरौंदे उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेने में जुट गए हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में बारिश अवरोध बन रही है। गोलागंज गांव का संगम मंदिर भी कटान की जद में आ चुका है। मंदिर के पुजारी संगमलाल पूरे परिवार के साथ मंदिर छोड़ तिरपाल के नीचे आ गए हैं। शाम तक घाघरा गोलागंज के सावित्री देवी, संगम, जगतू, पोले, अजरुन, कमला प्रसाद, ललन, राजाराम व सुरेश आदि की 35 बीघे कृषि योग्य भूमि को काट चुकी है। गोलागंज की सावित्री देवी व कायमपुर के राम शंकर के खपरैल के मकान धारा में समाहित हो गए।

घूरदेवी स्थित स्पर पर घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 112.150 मीटर के सापेक्ष 111.230 मीटर रिकार्ड किया गया। गोलागंज, कायमपुर व कोरिनपुरवा आदि गांवों के चारों ओर खेतों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। एसडीएम ने नायब तहसीलदार के साथ प्रभावित गांव मुरौव्वा, पिपरा, कायमपुर, जर्मापुर, गोलागंज आदि का भ्रमण किया। एसडीएम ने बताया की गांवों के चारों ओर नालों व खाली क्षेत्रों में पानी फ़ैल रहा है, किंतु अभी बाढ़ की कोई संभावना नही है। कैसरगंज संवादसूत्र के अनुसार एसडीएम पंकज कुमार ने कैसरगंज के ग्राम गोड़हिया नंबर तीन व गोड़हिया नंबर चार का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने रेवली-आदमपुर तटबंध का निरीक्षण भी किया। बाढ़ चौकियों व शरणालयों का भी सच देखा। ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव से बाढ़ के समय आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। जरवलरोड संवादसूत्र के अनुसार घाघरा एल्गिन ब्रिज के पास शाम पांच बजे 105.846 मीटर पर बह रही थी। खतरे का निशान 106.07 मीटर बताया जाता है।’

रिपोर्ट – राकेश मौर्या

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