गिरिडीह में नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मोतीलाल बास्के से मिले हेमंत सोरेन

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फाइल फोटो

गिरिडीह/झारखण्ड (रा.ब्यूरो)- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने मंगलवार देर शाम को नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मोतीलाल बास्के के गांव ढोलकटा पहुंचकर घटना की जानकारी विस्तार से ली।

बताते चलें कि बीते नौ जून को पुलिस नक्सली मुठभेड़ में ढोलकत्ता निवासी मोतीलाल बास्के की मौत हो गई थी। उसके बाद से लगातार कई राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन मोतीलाल बास्के को निर्दोष बता रहे है।इस संबंध में लगातार धरना,जुलूस ,आमसभा आदि का आयोजन किया जा रहा है।

इसी मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने ढोलकत्ता जाकर मामले की जानकारी लिया।सबसे पहले श्री सोरेन ने मुठभेड़ के दिन जिस घर मे पुलिस द्वारा गोली चलाई गई थी वहां जाकर लोगों से बात किया उसके बाद उस गली के अंतिम घर तक घूमे एवं गांव के लोगों की स्थिति को देखा।उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिस अवस्था मे यहां के लोग रह रहे हैं जिसमे सरकार का कहीं कोई योगदान नही है ये लोग अपने दम पर रह रहे हैं।इस सुदूरवर्ती स्थान में न तो कोई पदाधिकारी आता होगा और न ही कोई अन्य सरकारी सहायता यहां के लोगों को मिलती होगी।ऐसे जगह में निवास करने वाले एक गरीब डोली मजदूर की हत्या कर दिया जाना एवं उसे नक्सली घोषित किया जाना ।

सरकार एवं प्रशासन के अड़ियल रवैये को दर्शाता है।मोतीलाल एक मजदूर था एवं वो प्रतिदिन के भांति 09 जून को भी अपने दुकान जा रहा था एलआर रास्ते मे उसकी हत्या कर दी जाती हैं।लेकिन लगातार जांच की मांग एवं दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई तथा मृतक के आश्रितों को मुआवजा से संबंधित सरकार की ओर से कोई पहल नही किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।सरकार ऐसा न कर दे कि कोई आम आदमी गलत रास्ते पर चलने को मजबूर हो जाय।

रिपोर्ट- गणेश रावत

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