बाबू जी जरा धीरे चलना ……राह में बड़े गड्ढ़े हैं

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रायबरेली (ब्यूरो) योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने का दावा और वादा किया था । लेकिन अब उनका वो दावा फेल होता नजर आ रहा है । पूरे प्रदेश में अब तक 50 प्रतिशत सड़के भी गढ्ढा मुक्त नहीं हो पाई हैं । सड़के बनना तो दूर अधिकांश सड़को के लिए अभी निविदा प्रक्रिया भी पूरी नही हो पाई है । हम बात मुख्यालय लखनऊ से महज 80 किलोमीटर दूर कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली की कर रहे है वह रायबरेली जिसका नाम वीवीआईपी जनपदो में शुमार है| इस रिपोर्ट के जरिये देखिये रायबरेली की सड़को की हकीकत, जहाँ भी सड़कों से गड्ढा मुक्त के कार्य भी हुआ वहां सिर्फ खाना पूर्ति की गई है आइये एक रिपोर्ट के जरिये आप को दिखाते है की  सीएम का दावा रायबरेली में कितना पूरा हुआ |

प्रदेश के वीआईपी कहे जाने वाले जनपद रायबरेली की  अधिकांश सड़के एक दशक से भी ज्यादा समय से अपनी जर्जर हालत पर आंसू बहा रही हैं । योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद लोगो ने सोचा था कि शायद अब वो इन सड़कों पर आराम से चल सकें लेकिन उनकी यह उम्मीद भी सिर्फ उम्मीद रह गई और योगी आदित्यनाथ के दावे की रायबरेली में हवा निकलती दिख रही है ।

सबसे चौकाने वाली बात यह है की जब मुख्यालयो की सड़कों का हाल बदहाल है तो ग्रामीण अंचलों की सड़कों की क्या दशा होगी आप खुद समझ सकते हैं । जिस सड़क से रोजाना अधिकारी कर्मचारी आते जाते है वह रोड ही राम भरोसे है, उस पर वाहनों से तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। जहाँ पर भी निर्माण कार्य हुआ भी वहाँ सिर्फ गड्ढ़े भरे गये वो भी सिर्फ दिखाने के लिए ।  उक्त फोटो में दिख रही सड़क मुख्यालय की मेन सड़क कलेक्ट्रेट परिसर की है यहां के हाल देखिये यहाँ जिला प्रशासन का सारा अमला विद्धमान रहता है, यहां की सड़के तो बनी पर केवल कागजों पर और सरकारी रुपयों की जमकर बंदर बॉट की गई |

सीएम के दावे को लेकर जब राजनितिक दलों और आम नागरिक से बात की गई तो सभी ने सीएम के दावे को हवा हवाई ही बताया

रिपोर्ट – अनुज मौर्य

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