भर आया था हर आँख में पानी, जब बिदा हुआ था साथी …

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पूर्व केंद्रीय मंत्री व महाराष्ट्र के कद्दावर नेता श्री गोपीनाथ मुंडे की पहली पुण्यतिथि पर हम उन्हें नमन करते हैं…

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
केंद्रीय मंत्री वेंकया नायडू  केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
केंद्रीय मंत्री वेंकया नायडू केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह   केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
भारत के उपराष्‍ट्रपति श्री मोहम्‍मद हामिद अंसारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
भारत के उपराष्‍ट्रपति श्री मोहम्‍मद हामिद अंसारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी को श्रधांजलि अर्पित करते हुए

गोस्वामी तुलसी दास जी ने रामचरित मानस में सही ही लिखा हैं कि …

सुनहु भरत भावी प्रबल बिलखि कहेउ मुनिनाथ।
हानि लाभु जीवनु मरनु जसु अपजसु बिधि हाथ॥

जिस समय 26 मई 2014 को केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेत्रत्तव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी थी और महाराष्ट्र के दिग्गज नेता श्री गोपीनाथ मुंडे ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की बागडोर अपने हाथों में ली थी उस दिन किसने यह सोचा था कि भारत वर्ष को बहुत ही जल्द एक बहुत बड़ी छति होने वाली हैं, शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि भारत वर्ष की राजनीति अपने एक प्रधान सेवक को बहुत ही जल्द खो देगी I

लेकिन शायद ईश्वर को यही मंजूर था और 3 जून 2015 की सुबह जैसे-जैसे सूर्य की किरणें इस पवित्र देश की धरती पर पड़ रही थी वैसे -वैसे ही इस देश की राजनीति का एक शिखर पुरुष अपनी अंतिम सांसे ले रहा था I 3 जून की ही सुबह तक़रीबन 7 बजे इस देश ने, इस देश की गरीब जनता ने, महाराष्ट्र और भारत वर्ष की सम्पूर्ण राजनीति ने अपने सबसे लाडले बेटे और चहेते सेवक को राजधानी दिल्ली में एक सड़क दुर्घटना में खो दिया था I

आज हम देश के उस सबसे महान नेता को, देश के उस प्रधान सेवक की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हैं…!

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