खतरे में योगी और मोदी का सपना, प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी ने करोड़ों पर फेरा पानी

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नोएडा ब्यूरो : एक तरफ जहाँ केंद्र और राज्य सरकारें स्वच्छता अभियान को लेकर करोड़ों रुपयें खर्च कर रही हैं और सभी प्रशासनिक अधिकारियों को इसे प्रमुखता से लेकर कार करने के आदेश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर गौतमबुद्ध नगर प्रशासन सरकार के इस अभियान की धज्जियाँ उड़ाने में लगा हुआ है |


जनपद गौतमबुद्ध नगर का एक बड़ा हिस्सा नोएडा अथॉरिटी के अंतर्गत आता है, जिसके चलते ग्रामसभाएं समाप्त हो गयी हैं और क्षेत्र में साफ़-सफाई की जिम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी की है पर कहीं भी सफाई होती नहीं दिख रही जगह-जगह नालियाँ कचरे और बदबू से भरी हुई हैं, क्षेत्रीय लोग स्थानीय अधिकारियों से गुहार लगाकर थक चुके हैं और इसे अपनी किस्मत समझकर इस दूषित वातावरण में रहने को मजबूर हैं |


चूँकि ग्रामसभाएं समाप्त हो चुकी हैं अतः अधिकारी इसकी जिम्मेदारी एक-दुसरे पर डालने में लगे हुए हैं, तहसील दादरी में तो यह आलम है कि लोग जब अपनी समस्या लेकर क्षेत्रीय एसडीएम के पास पहुँचते हैं तो एसडीएम साहब यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि ये क्षेत्र अब नोएडा अथॉरिटी के अंतर्गत आता है और वे इस मामले में अथॉरिटी को पत्र लिखने से ज्यादा कुछ नहीं कर सकते और एसडीएम कार्यालय से एक पत्र भेजकर मामले की खाना पूर्ति कर दी जाती है और मामला ठन्डे बसते में चला जाता है |


दादरी तहसील के ग्राम शाहपुर सेक्टर 128(नोएडा), ग्राम देवला और कासना में जलभराव पिछले लम्बे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है, स्थानीय अपनी फ़रियाद लेकर एसडीएम से लेकर अथॉरिटी तक सैकड़ों चक्कर लगा चुके हैं पर अधिकारियों के कण पर जूँ तक नहीं रेंगी सब एक-दुसरे को जिम्मेदार ठहराने में लगे हुए हैं |

अब ऐसे में योगी और मोदी सरकार का स्वच्छ भारत अभियान कैसे सफल होगा जब अभियान को सफल बनाने वाले अधिकारी ही अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं |

रिपोर्ट – अजय सिंह 

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