छतीसगढ़ सरकार का कमाल-सरकार करेगी शराब की बिक्री और बच्चों के 3000 स्कूल होंगे बन्द

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रायपुर छत्तीसगढ़– राज्य सरकार ने प्रदेश के 2918 स्कूलों को युक्तियुक्तकरण के तहत बंद कर दिया है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 15 हजार से अधिक बच्चे और स्टाफ को पास के स्कूलों में शिफ्ट करने का आदेश हो गया है। ये स्कूल जुलाई के पहले हफ्ते तक पूरी तरह शिफ्ट हो जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक ये स्कूल गैरवाजिब हो गए थे। बंद होने वाले दो हजार से अधिक स्कूल प्राथमिक हैं। साढ़े पांच सौ स्कूल मिडिल और 63 हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूल हैं।

तमाम आलोचनाओं के बीच राज्य सरकार ने प्रदेश में 2918 स्कूलों को बंद करने का फैसला कर लिया। बंद होने वाले स्कूलों पर इस सत्र से ताला लग गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों के मुताबिक स्कूल युक्तियुक्तकरण के लिए तैयार की गई कार्ययोजना में तय किए गए नियमों के मुताबिक ही बंद किए गए हैं। प्रदेश में तीन हजार से अधिक स्कूल तय मापदंड के मुताबिक बंद होने की सूची में शामिल थे।
इनमें से 100 से अधिक स्कूलों को धरोहर के रूप में या फिर स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बंद नहीं किया गया है। विभाग का दावा है कि इन स्कूलों के बंद होने से बच्चों की दर्ज संख्या में कोई कमी नहीं आएगी, बल्कि मर्ज किए गए स्कूलों में शिक्षक और संसाधन बढ़ने का फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा।

राज्य सरकार ने साल की शुरुआत में ही स्कूलों का युक्तियुक्तकरण करने की तैयारी शुरू कर दी थी। केंद्र सरकार के निर्देश पर युक्तियुक्तकरण करने की प्रक्रिया फरवरी में शुरू की गई। मार्च के आखिर तक तय मापदंड के मुताबिक 3000 से अधिक स्कूलों की सूची तैयार की गई थी। इस सूची पर अप्रैल में समिति की बैठक और अनुमोदन की कार्रवाई हुई। तैयार सूची पर 15 मई को प्रारंभिक सूची का प्रकाशन किया गया।

इस सूची पर दावा-आपत्ति मंगाई गई थी। सूची के प्रारंभिक प्रकाशन होने के बाद पूरे प्रदेश में हलचल मच गई। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों का नाम सूची से हटवाने के लिए ग्रामीणों ने खासी जद्दोजहद की। इसके बाद सूची को अंतिम रूप देकर इन स्कूलों को बंद करने के निर्देश सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को दे दिया गया है।

देश में हो रहे 40 हजार से अधिक स्कूल बंद- शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और संसाधनों के समायोजन के नाम पर देश भर में 40 हजार से अधिक स्कूल बंद हो रहे हैं। देश के सभी राज्यों में यह प्रक्रिया युक्तियुक्त करण के लिए तय मापदंडों के हिसाब से किया जा रहा है।

ये थे प्रमुख मापदंड –
– एक ही शाला भवन में एक से अधिक स्कूल
– 10 से कम दर्ज संख्या वाले स्कूल
ग्रामीण क्षेत्र में
प्राथमिक स्कूल – एक किमी की परिधि में
मिडिल स्कूल- 3 किमी की परिधि में
हाई/हायर सेकंडरी स्कूल- 5 से 7 किमी की परिधि में
शहरी क्षेत्र के लिए
प्राथमिक स्कूल- आधा किमी की परिधि में
मिडिल स्कूल- 1 किमी की परिधि में
हाई/हायर सेकंडरी स्कूल- 2 किमी की परिधि में
जिलेवार बंद होने वाले स्कूल ;

सूरजपुर- 59
रायपुर- 94
बलौदा बाजार- 55
दुर्ग- 78
मुंगेली- 80
बेमेतरा- 45
कांकेर- 56
जशपुर- 167
सुकमा- 60
बालोद- 111
रायगढ़- 157
गरियाबंद- 120
सरगुजा – 120
बीजापुर- 92
धमतरी- 84
कबीरधाम- 174
बिलासपुर- 189
बलरामपुर- 153
कोरिया- 84
बस्तर- 182
कोरबा- 146
जांजगीर-चांपा- 118
महासमुंद- 80
राजनांदगांव- 73
कोंडागांव- 170
दंतेवाड़ा- 146
नारायणपुर- 14
बंद होने वाले कुल स्कूल- 2918
प्राथमिक स्कूल- 2392
मिडिल- 553
हाई-हायर सेकंडरी – 63
युक्तियुक्तकरण के लिए तय मापदंडों के मुताबिक 2918 स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। बंद होने वाले स्कूलों की अंतिम सूची सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भिजवा दी गई है। उन्हें जुलाई के पहले हफ्ते तक बंद होने वाले स्कूलों के संसाधन, स्टाफ और बच्चों का समायोजन तय किए गए स्कूल में करने का समय दिया गया है।

रिपोर्ट- हरदीप छाबड़ा

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