सरकारी विद्यालयों में छोटे बच्चों से धुलवाए जाते है बर्तन बच्चो का भविष्य अंधकार में।।

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धनबाद(ब्यूरो)- सरकारी स्कूल मे छोटे छोटे बच्चों से धुलवाये जा रहे है बर्तन।वार्ड 51 के प्राथमिक विद्यालय कुलटाड़ झरिया 2 के स्कूल मे छोटे छोटे बच्चों से थालियां धुलवाई जा रही है। बच्चों के उम्र महज 3 स 7 वर्ष है।एक ओर सरकार बेहतर शिक्षा देने मे नाकाम साबित हो रही है।वही दुसरी ओर शिक्षक भी बच्चों से काम करवा कर उन्हे ,देश का भविष्य नही|बल्की मजदूर बनाने मे कोई कसर नही छोड़ रहे है।

खाना बनाने वाली महिला का कहना है कि पानी निकासी का जगह नही है इस लिये बच्चों से बर्तन धुलवाते है।क्या पानी निकासी का जगह नही होने कि सजा इन गरीब बच्चों को ही मिलनी चाहिये।वही प्रधानाचार्य का कहना है कि इस सम्बंध मे पार्षद को जानकारी दी गई है परन्तु ये लोग इस बात पर कोंई ध्यान ही नही देते|

वहीं बच्चों के माता पिता में एक अभिभावक अरुण कुमार पाल, का कहना है कि,बच्चों को न बेहतर शिक्षा मिल रहा है|ना पोशा आहार दिया जाता है|और न ही सरकार द्वारा दिये गए राशी ही ठीक समय से मिल पाता है।

उपर से बर्तन साफ कराया जाता है ।ऐसे मे बच्चे क्या पढाई करेंगें।शिक्षा विभाग को इस ओर ध्यान देने कि जरूरत है|ताकि बच्चों को काम न करना पड़े। और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और इनका भविष्य उज्जवल हो

बर्तन धोते देखे गए बच्चो में लक्खी कुमारी ,रुकमनी कुमारी, राकेश कुमार, सोमनाथ, सजना,एवं शंकर गुलगुलिया है जो कि कक्षा 2 के सभी छात्र छात्राए है।वही स्कूल का अध्यक्ष का नाम गणेश राय,स्कूल की
प्रचार्या प्रवीण चावला,खाना बनाने वाली शांति देवी, उपासी देवी है।

रिपोर्टर-अमित सिंह

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