भूमाफियाओं व तहसील कर्मियों की मिलीभगत से सरकार को लगा करोड़ों का चूना

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रायबरेली(ब्यूरो)-
निजाम बदलने के बाद भी तहसील कर्मचारी भ्रष्टाचार से बाज नहीं आ रहे हैं एक तरफ जहां योगी सरकार भू माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने के लिए कमर कस रही है वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी भू माफियाओं की मिलीभगत से सरकारी ज़मीनों को बड़े पैमाने पर बेचने का काम कर रहे हैं| सदर तहसील के कर्मचारी से मिलकर तहसील कर्मचारियों व भू माफिया के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने हेतु मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और मांग किया कि शीघ्र ही भूमाफियों के खिलाफ कार्यवाही कर राजस्व हानि को रोकने का काम तहसील प्रशासन करें ज्ञापन में माता बदल पुत्र दुर्जन निवासी अकालगढ़ मजरे बेला बेला के नाम समय-समय पर तैनात क्षेत्रीय लेखपालों की मिलीभगत से लगभग आधा दर्जन से अधिक बेशकीमती सरकारी जमीनों को पट्टे पर आवंटित किया गया| जिन्हें बाद में लाखों रुपए में बेचा गया| यही क्रम अनवरत जारी है| यह भी प्रकाश में आया कि वर्तमान समय में पट्टे से संबंधित कई पत्रावलियां आज भी तहसील में लंबित है, जिन पर निरंतर भूमाफियाओं के द्वारा अपने नाम आवंटित कराने का प्रयास किया जा रहा है|

बेला बेला की गाटा संख्या 7200/0.153 हेक्टेअर जमीन माता बदल पुत्र दुर्जन निवासी अकालगढ़ को आवंटन में तत्कालीन लेखपाल द्वारा दी गई थी जबकि उक्त जमीन मौके पर मूल रकबे से अतिरिक्त पट्टा दिया गया है| जिस प्रकरण अपर जिलाधिकारी प्रशासन के यहां धारा 198/4 में विचाराधीन है फिर भी तहसील प्रशासन द्वारा उक्त जमीन को बैनामे के आधार पर अन्य के नाम दर्ज कर दी गई, जिस पर वर्तमान समय में प्लाटिंग का कार्य जारी है| यही नहीं 122 बी 4एफ के माध्यम से गाटा संख्या 4290 व 4256 में क्रमशः 0.253 0.126 हेक्टेयर विद्यावती पत्नी माता बदल निवासी अकालगढ़ मजरे बेला बेला के नाम कब्जे के आधार पर आवंटित किया गया है जबकि भौतिक सत्यापन में ग्रामीणों द्वारा यह भी बताया गया कि उक्त भूमि आज तक ना तो इनका कब जा रहा है और ना है|

रिपोर्ट- ओमप्रकाश मिस्र

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