फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी के प्राइवेट गनरों के असलहे प्रशासन ने जबरिया कराया जमा

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rohania MLA
बलिया(व्यूरो) : भाजपा के फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी के काफिले को भरौली के पास अमवा चट्टी पर भारी पुलिस बल के साथ रोककर उनके साथ बिना किसी सक्षम आदेश के चल रहे तीन प्राइवेट असलहों को नरही थानाध्यक्ष द्वारा जब्त कर लिया गया । विधायक श्री तिवारी द्वारा अपनी सुरक्षा के लिये प्रशासन से गुहार लगाये जाने की बात कही गयी जिसको मौके पर उपस्थित अधिकारियो ने बिना सक्षम आदेश को असलहों को छोड़ने में असमर्थता व्यक्त करते हुए दो राइफल और एक दोनाली बंदूक अपने कब्जे में लेकर थाने में जमा करा दिये । इस घटना से आक्रोशित श्री तिवारी ने प्रशासन पर प्रदेश सरकार के इशारे पर ऐसा करने का आरोप लगाया ।

श्री तिवारी ने कहा कि पिछले 12 जनवरी 2017 को ही भाजपा जिलाध्यक्ष के माध्यम से मेरे जानमाल के खतरे के संबंध में पत्र पुलिस अधीक्षक बलिया और जिलाधिकारी बलिया को देकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जा चुकी है जिसमे यह भी कहा गया है कि अगर सरकारी सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने में परेशानी हो तो मुझे प्राइवेट गनर लेकर चलने की अनुमति प्रदान की जाय । इसके बाद मैंने भी अपने पैड पर यही मांग जिलाधिकारी से की है जिस पर तो आज तक कोई कार्यवाई नहीं हुई उल्टे मेरे प्राइवेट असलहे भी जमा करा दिया गया । मेरे ऊपर दो बार हमला हो चूका है , बिना सुरक्षा के मै अपना प्रचार कैसे कर पाउँगा । श्री तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि मेरे सरकारी गनर को साजिश के तहत हफ्ता दस दिन में बदल दिया जा रहा है जिससे मुझे हमेशा अपने जान का खतरा लगता रहता है । श्री तिवारी ने जिला प्रशासन को चेताया कि अगर प्रशासन मुझे तत्काल सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराता है और मेरे साथ कुछ भी गलत होता है तो उसके लिये जिला प्रशासन ही जिम्मेदार होगा ।

बिना अनुमति असलहों को लेकर चलने पर हुई कार्यवाई -एसपी बलिया

फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी के प्राइवेट गनरों के असलहों को जमा कराने और विधायक द्वारा शासन के इशारे पर की गई करवाई के आरोप के जबाब में पुलिस अधीक्षक बलिया रामप्रताप सिंह ने कहा कि आज जो असलहे जमा कराये गये है वह आदर्श आचार संहिता के क्रम में जमा कराये गये है । आचार संहिता लगने के बाद से बिना जिलाधिकारी की अनुमति के असलहों को लेकर सार्वजनिक स्थानों पर चलना ,उनका प्रदर्शन करना प्रतिबंधित है । विधायक जी के साथ जो असलहे थे उनके संबंध में ले चलने के लिये सक्षम आदेश न होने के कारण ही जमा कराया गया है । रही बात बार बार सरकारी गनर के बदल जाने की तो मैं उनसे अनुरोध पूर्वक कह रहा हूँ कि वे जिस गनर को रखना चाहते है उसका नाम दे दे ,उसको परमानेंट विधायक जी की सुरक्षा हेतु लगा दिया जायेगा । साथ ही पुलिस अधीक्षक ने ऐसे सभी नेताओं को चेतावनी देते हुए सलाह दी है कि जो भी लोग अपने साथ प्राइवेट गनर लेकर चल रहे है वे इसकी अनुमति ले ले अन्यथा उनके भी हथियार पुलिस द्वारा जबरिया जमा करा लिये जायेंगे ।

रिपोर्ट – संतोष कुमार शर्मा

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