मालगाडी से टकराए पत्थरों के मामले में प्रशासन गंभीर, पुलिस और अन्य विभाग मिलकर कर रहे गहन जाँच

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प्रतीकात्मक
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जौनपुर : वाराणसी-फैजाबाद रेल प्रखंड पर मालगाड़ी के इंजन से टकराए तीन बड़े पत्थरों को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले की सच्चाई जानने के लिए खुद अपराध शाखा लखनऊ की टीम ने जिले में डेरा जमा लिया है। इलाकाई पुलिस के साथ-साथ आरपीएफ और पीडब्लूवाई की टीम दिन-रात सामान्य कपड़ों में निगहबानी करने में जुटी हुई है।

जलालपुर थाना क्षेत्र के महिमापुर के समीप सई नदी के ब्रिज पर तीन बड़े पत्थर छह फरवरी को मिले थे। यह पत्थर 12-14 किलो, छह किलो और सात किलो के बताए जा रहे है, जो वाराणसी की ओर देर शाम सात बजे गुजर रही मालगाड़ी के इंजन से टकरा गए थे। मामले की जानकारी घटना के तत्काल बाद लोको पायलट ने स्टेशन पर दिया था। जिसे गंभीरता से लेते हुए जलालपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

कार्यवाही में जुटी पुलिस ने सभी पत्थरों को अपने कब्जे में ले लिया हैं। इधर विधानसभा चुनाव के कारण पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने में तेजी नहीं दिखा पा रही है, जिसके कारण उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ की टीम भी सहयोग के लिए लगा दी गई। यही नहीं पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए अपराध शाखा लखनऊ की भी एक टीम भी जिले में पहुंच गई, जो लगातार मामले की अपने स्तर से जांच करने में जुटी हुई है।
जांच में जुटे जिम्मेदारों की माने तो वे पूरे प्रकरण को दो नजरिये से देखा जा रहा है। जिसमें टीम का मानना है कि हो सकता हैं किसी ने शरारतवश ऐसा किया हो अथवा ट्रेन को गिराने के लिए किसी साजिशकर्ता द्वारा यह कोशिशें की गई है। इसी के तह तक जाने के लिए गांव में अपराध शाखा लखनऊ की टीम घूम कर सुरागरशी का प्रयास कर रही है।
बढ़ी रेलवे लाइन की सुरक्षा
घटना के बाद उच्चाधिकारियों के कान खड़े हो गए है। मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे लाइन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रात में पीडब्लूवाई के अलावा आरपीएफ की भी टीम निगहबानी कर रही है। साथ ही रेलवे लाइन की तरफ दिखाई पड़ने वालों से पूछताछ कर रही है।
भोर में ही रेकी करने पहुंची आरपीएफ

शनिवार की भोर में ही आरपीएफ की टीम घटना स्थल पर पहुंच गई। आस-पास के घरों और गांवों में जाकर यह जानने का प्रयास किया की घटना के दिन अथवा वैसे कोई संदिग्ध व्यक्ति इधर दिखाई पड़ा था की नहीं।
सरकोनी से जलालगंज तक विशेष नजर
जांच टीम सरकोनी से जलालगंज तक विशेष नजर लगाए हुए है। रेकी के लिए जांच टीम ने अपने जाल रेलवे लाइन के किनारे बसे गांवों में फैला रखे है, ¨कतु अभी तक उसे सफलता हाथ नहीं लगी है। क्योंकि स्थानीय डर की वजह से सहयोग करने से दूर भाग रहे है, जिसे समझ रही टीम उन्हे विश्वास में लेने की कोशिश कर रही है।
..तो यहां से लाया गया पत्थर
घटना स्थल के समीप ही सई नदी गुजरी है। यहां ब्रिज के बगल मिट्टी रोकने के लिए पत्थर रखे गए है। अनुमान लगाया जा रहा है कि रेलवे लाइन पर रखे गए पत्थर यही के है, जैसा की देखने में भी लगते है। अब सवाल उठता है कि तीन तीन पत्थर अलग-अलग वजन के थे, जिन्हे वहां से रेलवे लाइन तक कौन और कैसे ले लाया गया। ऐसा करने वालों की मंशा क्या थी। खैर इस तरह के तमाम सवालों का उत्तर मामले के खुलासा से ही स्पष्ट हो पाएगा।

रिपोर्ट – डॉ. अमित कुमार पाण्डेय

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