पूर्वांचल के जिलों से ग्राम प्रधानों ने उठाई ग्रामीण दिवस की मांग

0
130


वाराणसी ब्यूरो : होप संस्था के तत्वाधान में कई महीनों से चल रही ग्रामीण दिवस की मांग में अब पूर्वांचल के सभी जिलों के 250 प्रधानों का साथ मिला है। होप के युवाओं ने आज प्रधानमंत्री कार्यालय मैं ढाई सौ ग्राम प्रधानों की लिखित सहमति पत्र को सौंपा जिसमे पूर्वांचल के बलिया, गोरखपुर, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, देवरिया, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़ आदि जिलों के 250 गांव में जाकर ग्रामीण दिवस की महत्ता को समझाया इन प्रधानों ने हर तरीके से होप के योजनाओं में अपनी लिखित सहमति मोहर लगाकर तथा हस्ताक्षर करके दी ।

प्रधानों ने ग्रामीण दिवस को जन आंदोलन बनाने तथा क्षेत्र के विकास में होप द्वारा पिछले 2 वर्षों से लगातार किए जा रहे प्रयास पर खुशी जतायी है | पिछले 5 महीनों से होप के युवाओं ने इस कार्य हेतु अथक प्रयास किया। 300 से अधिक युवाओं की टीम ने पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में अलग-अलग भागों में बटकर ग्राम प्रधानों के अधिकार और कर्तव्यों से अवगत करवाया इस कार्य में युवाओं को अपेक्षित सफलता प्राप्त हुई। इसी का नतीजा है कि ढाई सौ ग्राम प्रधानों ने अपने लेटर हेड पर लिखित सहमति इन युवाओं को सौंपी है ।

ग्राम प्रधानों का कहना है भारत जहां 70% की आबादी गाँव में रहती है ऐसे 70% आबादी के लिए एक दिवस होना जरूरी है । इन 250 प्रधानों में पूर्वांचल के चिरपरिचीत व वीर सपूतों के गाँव के प्रधान भी शामिल है जैसे-

1-ग्राम प्रधान – अवधेश सिंह, राजनाथ सिंह जी का पैतृक गांव भभौरा , चंदौली
2-ग्राम प्रधान-मीरा पाठक, मंगल पांडे जी का गांव नगवा, बलिया
3-ग्राम प्रधान-जनार्दन यादव,वीर अब्दुल हमीद(परम वीर चक्र) भमुपुर ,ग़ाज़ीपुर।
4-ग्राम प्रधान-जब्बार अंसारी,स्वामी सहजानंद सरस्वती,देवा (दुल्लहपुर),ग़ाज़ीपुर।
5-ग्राम प्रधान-सूर्य भान सिंह,जय प्रकाश नारायण( J.P),सिताबदियारा,बलिया।
6-ग्राम प्रधान-मनोज कुमार यादव,हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, गोपालपुर बलिया।
7-ग्राम प्रधान-मीरा देवी, मुंशी प्रेमचंद जी का गांव,लमही वाराणसी।
8-ग्राम प्रधान- श्री नारायण पटेल, प्रधानमंत्री जी का आदर्श गांव जयापुर

ढाई सौ ग्राम प्रधानों ने ग्राम प्रधान के कार्य को डिजिटल करने हेतु लिखित सहमति दी है | सरकार द्वारा प्रदत किसी एक सरकारी वेबसाइट पर पिछले 1 साल का प्रधान द्वारा तैयार रिपोर्ट अपलोड हो ताकि उस गांव का कोई भी N.R.I या भारत के किसी भी भाग में रहनेवाला व्यक्ति अपने गांव के विकास का रिपोर्ट अपने घर पर बैठ कर देख सकें और सुझाव भी अपलोड कर सकें इस कार्य से प्रधानमंत्री जी के डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम की गति तेज होगी।

1 साल में होने वाले कार्य का अवलोकन

1) 1 साल में कितने जीवित पेड़ काटे गए और लगाए गए हैं इसका रिकॉर्ड अपलोड हो।
2) 1 साल में शिक्षा का नामांकन कितना घटा या बड़ा।
3) ग्रामीण स्वच्छता हेतु किए गए प्रयास।
4) 1 साल में शौचालय, सड़क, हैंडपंप का रिपोर्ट तैयार हो।
5) जन वितरण प्रणाली के कार्य का रिपोर्ट।
6) व्यवसायिक कृषि के लिए उठाया गया कदम।
7) ग्राम प्रधान अपनी आवश्यकता अनुसार समय समय पर ग्रामीण चौपाल आयोजित करें उसकी फोटोग्राफी भी वेब पर अपलोड करे।
8) गांव में NGO द्वारा किए गए कार्य भी वेब पर अपलोड हो।

सरकार द्वारा बेहतर कार्य करने वाले ग्राम प्रधान को ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जाए।

अन्य दिवस की तुलना में ग्रामीण दिवस की महत्ता ज्यादा क्यों…
गांव में कार्य करने के दौरान हमने पाया गांव विकास के दौर में कोसों पीछे है यहां की ग्रामीण संस्कृति लुप्त हो रही है तथा ग्रामीण परिवेश को हेय दृष्टि से देखने का नया दौर शुरु हुआ है सरकारी योजनाएं गांव तक पहुंचने में वर्षों लग जाते हैं वह भी आधी अधूरी पहुंच पाते हैं इन सभी समस्याओं का निदान स्वत हो जाए इसके लिए हम युवा ग्रामीण दिवस की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीण दिवस के फायदे
1. विदेशी पर्यटक गांवों के रुख करेंगे।
2. NRI अपने अपने से लगाव महसूस करेंगे।
3. मीडिया उस दिन गांवों के खबर पे ही फोकस करेगी जिससे गांवों की दशा और दिशा का पता चल पाएगा
4. सरकार जो फण्ड गांवों को आवंटित करती है उसको 1 साल के अंदर गांवों में लगा देने का दबाव अधिकारियों पर रहेगा।
5. ग्राम प्रधान की कार्य संस्कृति में इजाफा होगा।

ज्ञात हो कि इसके पहले हम युवाओं द्वारा ग्रामीण दिवस मनाने हेतु
1-11000 हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा  जा  चुका है।
2-सवा सौ ग्राम प्रधानों ने मानव श्रृंखला बनाकर ग्रामीण दिवस की मांग की खुशियारी गांव में।
3-केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा और श्रीमती स्मृति ईरानी जी को ज्ञापन दिया जा चुका है।
*दिल्ली भाजपा अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी को ग्रामीण दिवस हेतु ज्ञापन सौंपा जा चूका है।
4-ग्रामीण दिवस की मांग हेतु पूर्वांचल के कई जिलों से आवाज उठ रही है। जैस- बलिया ,मिर्जापुर ,जौनपुर, भदोही ,गाजीपुर ,आजमगढ़ आदि।
5-मोदी जी के गांव जयापुर, नागेपुर के अलावा आयर, असवारी, परजनपुर ,बहादुरपुर घमहापुर इत्यादि गांव मैं चौपाल लगवाया जा चुका है।
6-बीएचयू के दर्जनों प्रोफेसरों द्वारा ग्रामीण दिवस हेतु ग्रामीणों से संवाद किया गया और प्रोफेसरों ने इसके फायदे बताये।
7-पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक आवास से पूर्व फौजियों ने मैं ग्रामीण दिवस की मांग उठा चुके हैं।

इस अभियान में होप संस्था के नेतृत्वकर्ता रवि मिश्रा के साथ दिव्यांश उपाध्याय धर्मेंद्र यादव संदीप गुप्ता अजितेश श्रीवास्तव विकास दिक्षित सौरभ सिंह अंकित सिंह विवेक त्रिपाठी पीयूष श्रीवास्तव श्यामाकांत सुमन आकाश गुप्ता मंजू चौधरी अंकिता सिंह आकांक्षा सिंह प्रीति ठाकुर आदि शामिल थे।

रिपोर्ट : बृजेन्द्र बी यादव

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here