कोटेदार की दबंगई से ग्रामीण परेशान

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फतेहपुर (ब्यूरो)- जहानाबाद में आए दिन लोगों को परेशान करने वाला कोटेदार रामादेवी का कोटा लालू गंज सब्जी मंडी बाजार में स्थित है लोगों का कहना है की बिना टाइम के ही कोटा बंद कर देना बिना टाइम के कोटा खोलना राशन कम तौलना उसकी रोज की आदत बन गई है गरीब और बेसहारा विधवाओं बूढ़े बुजुर्ग अपाहिज आदमियों को परेशान करना उसका पेशा बन चुका है और ऊपर से रामादेवी का पुत्र धमकी देता है कि तुम लोगों का राशनकार्ड कटवा दूंगा इतना ही नहीं रामा देवी का पुत्र इतना दबंग है कि अपनी दबंगई दिखाते हुए कहता है जिसको लेना हो तो चुपचाप लाइन में खड़े रहो अगर कोई आवाज उठाता है तो कहता है जिसके पास जाना चाहो चले जाओ जो अधिकारी के पास जाना हो जाओ मैं किसी से नहीं डरता मैं अपनी मर्जी का मालिक हूं क्या कोटेदार के पुत्र कि इतनी हिम्मत हो गयी है कि वह किसी अधिकारी से नहीं डरेगा |

वह अधिकारियों से बढ़कर हो गया लोगों से बात करने के बाद पता चला कि कोटेदार का कहना है मैं अपनी मर्जी के हिसाब से जिसको चाहू गल्ला दूंगी रामादेवी कोटेदार की दबंगई इतनी बढ़ गई है कि अब लोगों को भद्दी भद्दी गालियां तथा सही से बातचीत ना करना और लोगों को टहलाते रहना कनीजा खातून , रुबीना खातून, अनीस खां,साबिर खां यूसुफ खान आज़ाद खान नाबीना खातून हारून खान गुड्डन बेगम नसीम खान आदि लोंगो का कहना है कि कोटेदार कहता है कल आना शाम के आना अभी सर्वर नहीं आ रहा ऐसे कुछ बहाना बनाकर कोटा बंद कर देता है और हर महीने गरीबो का राशन बाजार में बेच देता है गरीब लोग दर-दर भटक रहे हैं इन विधवाओं लाचार बेसहारा लोंगो का भरण पोषण केवल इन्ही राशन के दुकानों से है जो अब वो भी उनसे जीने का सहारा छिनता हुआ है नजर आ रहा है |

अधिकारियों को इस दबंग कोटेदार की भनक तक नही इन गरीबो की फरियाद कौन सुनेगा जबकि दूसरे कोटेदार उसी जगह पर अपनी अपनी दुकानों में उसी समय पर राशन बांट रहे है और यही समय पर रामादेवी के कोटे पर सर्वर नहीं आ रहा का बहाना बना कर ताला लगा दिया गया और राशन लेने वाले गरीब लोग उसकी दुकान के बाहर बैठे रहे यह कैसे संभव है की जहानाबाद में पूरे कोटेदार राशन बांट रहे हैं केवल यही के दुकान पर सर्वर नही आ रहा रामादेवी कोटेदार अपनी दबंगई के बल पर राशनकार्ड धारको को राशन नहीं दे रही है लोगों में काफी आक्रोश पर लाचार गरीब लोग कर भी क्या सकते है कोई नहीं है इनका सुनने वाला इनका दर्द समझने वाला सब अपने मे मस्त गरीब लोग हो रहे है पस्त इन गरीबो का दर्द समझते हुए हिंदी दैनिक लोकभारती ने इनका दर्द समझा और प्राथमिकता से इन लोंगो को अब इंसाफ दिलाएगा ऐसी उम्मीद लोंगो में है।

रिपोर्ट – अरुण केशकर

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