पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत और लापरवाही से हरियाली पर चल रहा आरा

कुंडा/प्रतापगढ़ (ब्यूरो)  कालाकांकर आज हमारे देश में सबसे चिंता का विषय है प्रदूषण ,प्रदूषण को कम करने के लिये वर्तमान सरकार ने अपने सभी सांसदो, विधायको, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों के साथ ही सभी विभाग के अधिकारियों को भी एक एक वृक्ष लगाकर उसकी समुचित देखरेख और अपने बच्चो की तरह ही सेवा करने के लिये अभियान चलवाया ।  चारों तरफ लोगों ने पेड लगाने के साथ ही फोटो खिंचवाने का सिलसिला नजर आने लगा । लेकिन दूसरे ही दिन से अपने लगाये हुये पेड. को देखने की जहमत किसी ने नही उठायी ।

वन विभाग ने लाखों की संख्या मे वृक्ष लगाकर अपना कोरम पूरा किया, इसी प्रकार सारे सरकारी विभाग ने अपने कोरम तो पूरा किया लेकिन इनकी सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी तो वन विभाग की ही बनती है । करोड़ों रूपये खर्च करने के बाद मात्र गिनती के ही पेड़ मौजूद बचे हैं । खैर नये पेड़ों की छोड़िये पुराने फलदार पेड़ों की बात करें तो पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से रोजाना सैकड़ों पेड़ों पर आरा चल जाता है वो भी खुलेआम । ऐसा नहीं कि पुलिस और वन विभाग को पता नहीं रहता, क्योंकि अभी भारी बारिस में कई किसानों के पेड़ खेत में और बाग में गिरे थे और जब किसान उस बारिस से गिरे हुए पेड़ों को काटने जाता तो वहां पर पुलिस और वन विभाग दोनो ही कानून की किताब लेकर वहां पहुचकर उस गरीब किसान से पैसे ले लेते थे अगर पैसा नहीं देता तो जाओ एस डी एम से परमीशन लेकर आओ फिर वन विभाग से परमीशन ले कर आओ कुल मिलाकर इतना सख्त कानून के दायरे में लेकर उसको परेशान करते हैं | लेकिन आज बड़े-बड़े ठेकेदार, भट्टी वाले और आरामशीन वालों के अलावा टाल पर इतनी मात्रा मे लकड़ी रखी रहती है, क्या सारी लकड़ी का परमीशन होता है और ज्यादा से ज्यादा तो मौके पर ही रखते है इसके अलावा आस पास बाग में भी छुपा कर रखते हैं  |

वन विभाग और पुलिस को सब पता रहता है लेकिन सब पैसा लेकर करवाते हैं, अगर कानून के रक्षक और वन मित्र ही हरे पेड़ों को जरा से पैसों के लालच मे कटवाते रहे वो दिन दूर नही जब हमारे यहां प्रदूषण बढकर नयी नयी बिमारियां पैदा करेंगी ,जिसके आगोश मे हम और हमारा ही परिवार आयेगा इसका जिम्मेदार कौन होगा ? कालाकांकर, नबाबगंज, परियांवा, आलापुर, मानिकपुर, कुन्डा, गोतनी, लालाबाजार समेत दर्जनों जगह अवैध मशीनें और भट्ठियां लगाकर प्रसासन से मिलीभगत करके हरियाली पर आरा चलाते हैं |

 

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