अधिकारियों की सांठ-गांठ से धड़ल्ले से हो रही हरे वृक्षों की कटान

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जालौन (ब्यूरो) : वन विभाग के अधिकारियों से सांठ-गांठ कर लकड़ी के ठेकेदार बगैर परमीशन के हरे वृक्षों की कटान करा रहे हैं। जिससे सरकारी राजस्व के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।\

सरकार पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए हर वर्ष बरसात के समय वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाती है। इस अभियान पर सरकार मोर्टी रकम भी खर्च करती है। एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान चला रही है। तो वहीं, दूसरी ओर नगर में काम कर रहे लकड़ी के ठेकेदार वन विभाग, पुलिस विभाग व राजस्व अधिकारी से सांठगांठ कर हरे वृक्षों की अवैध कटान कराने में लगे हुए हैं। वन विभाग के स्थानीय कर्मचारी पेड़ों की कटान में जमकर घालमेल कर रहे हैं। अपनी जेबें भर रहे जिम्मेदार उक्त मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। लकड़ी के ठेकेदारों से हर माह सुविधा शुल्क लेकर हरे वृक्षों की धडल्ले से कटान जारी है। लकड़ी के ठेकेदार रात के अंधेरे में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर खड़े हरे पेड़ों को काटकर मुनाफा कमाने में लगे हैं। जिससे न केवल सरकारी राजस्व की हानि हो रही है बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।

हाल ही में बन रही सड़कों के दोनों ओर खड़े हरे पेड़ों को काटने में भी जमकर घालमेल हुआ है। ठेकेदारों ने वनविभाग से सांठगांठ कर कीमती शीशम की लकड़ी को बाजार में बिकवा दिया है। जब इस संदर्भ मंे अपर जिलाधिकारी आरके सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। वह मामले की जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।

रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव

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