गुंजन दीदी… माफ करना मैं मरने जा रहा हूं!

बलिया (ब्यूरो)- अजीत बहन को फोन कर अपने मन की बेदना बयां करते-करते उसके कदम रेल पटरी की ओर बढ़ते गये। बहन फोन पर ही भाई को समझाने व रोकने का प्रयास करती रही लेकिन भाई के कदम नहीं रूके और बहन से ‘अलविदा’ बोलते हुए ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी।

गुरुवार को ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या करने वाले दियरा टुकड़ा नम्बर दो निवासी अजीत यादव की मौत से परिवार में मातम छा गया है। मां-बाप के अलावा अन्य परिजन व नाते-रिश्तेदार भी दहाड़े मारकर रो रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो अजीत गुरुवार की सुबह खेत में धान की रोपाई करा रहा था। दोपहर बाद वह घर पहुंचा तथा अपने पिता से मजदूरों को देने के लिये पैसा मांगने लगा।

बताया जाता है कि इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। कहासुनी के बाद अजीत घर से निकलकर बस स्टैंड पर पहुंचा तथा बलिया जा रही बस में सवार हो गया। रास्ते में वह बांसडीह रोड के पास उतरकर चकरी गांव के पास पहुंच गया। पिता की डांट से क्षुब्ध अजीत ने अपनी बड़ी बहन गुंजन को फोन किया तथा पूरी बात बताने के बाद ‘अलविदा’ कहकर रेल पटरी पर पहुंच गया।

गुंजन उसे फोन पर ही समझाने व रोकने का प्रयास करती रही, लेकिन वह नहीं माना तथा ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद जब पुलिस ने इसकी खबर परिजनों को दी तो घरवालों के पर दुखों का पहाड़
टूट गया।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY