रोहित वेमुला आत्महत्या के मामले में आया नया मोड़, गुंटूर जिले के कलेक्टर ने रोहित वेमुला को दलित मानने से किया इनकार

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हैदराबाद- रोहित वेमुला की आत्महत्या वाले मामले में एक नया मोड़ तब आ गया है जब गुंटूर जिले के डीएम ने रोहित वेमुला को दलित मानने से इनकार कर दिया है | दरअसल आपको को बता दें कि रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में जिले के मजिस्ट्रेट ने अपनी रिव्यू रिपोर्ट में कहा है कि रोहित कोई दलित छात्र नहीं था और उसका जो सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया जा रहा था वह फर्जी था और इस सर्टिफिकेट को सरकार को कैंसिल भी करना पडेगा |

रोहित के परिवार को भेजा नोटिस-
आपको यह भी बताते चलते है कि रोहित वेमुला केस में अब जिले के मजिस्ट्रेट ने रोहित की माँ को एक नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर यह साबित करने के लिए कहा है कि वह किस तरह से दलित है और उनके बेटे का सर्टिफिकेट क्यों न कैंसिल किया जाय |

यह भी बता देते है कि नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर रोहित की माँ यह साबित करने में विफल रहती है तो उन्हें स्थानीय प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्यवाही का भी सामना करना पडेगा |

गौरतलब है कि रोहित ने विगत 17 जनवरी 2017 को हैदराबाद विश्वविद्यालय से निकाले जाने के बाद फांसी लगाकार आत्महत्या कर ली थी | जिसके बाद पूरे देश में इस बात को लेकर बवाल खड़ा हो गया था कि रोहित एक दलित छात्र था इसलिए ही उसे विश्वविद्यालय से निकाल दिया गया था और इसी से परेशान होकर ही रोहित ने आत्महत्या कर ली है |

इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी सहित समूची बीजेपी कटघरे में खड़ी हो गयी थी | राहुल गांधी से लेकर आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल सहित लगभग सभी विपक्षी नेता रोहित के परिवार से मिलने भी हैदराबाद पहुँच गए थे लेकिन अब इस रिपोर्ट के आने के बाद विपक्षी दलों पर बीजेपी का हावी होना स्वाभाविक बनता है |
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