हैदराबाद छात्र कि खुदखुशी के मामले में राजनीति गरमाई, दत्तात्रेय के स्तीफे की मांग |

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hyderabad-student-suicideहैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (एचसीयू) में एक शोध छात्र की आत्महत्या के मामले ने सोमवार को तूल पकड़ लिया। इस घटना से नाराज छात्रों ने दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एचआरडी मंत्रालय ने मामले की पड़ताल के लिए दो सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल का गठन किया है। दलित छात्र द्वारा कथित तौर पर खुदकुशी किये जाने के मामले में दर्ज प्राथमिकी में केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम हैं। दोनों को उनके पदों से हटाने की मांग भी उठी है।

साइबराबाद पुलिस आयुक्त सीवी आनंद के मुताबिक, परिसर में अभी स्थिति ‘ठीक’ है। बीती रात को छात्रों ने एकजुट होकर रोहित के शव के साथ प्रदर्शन किया और नारे लगाए, जिसके कारण परिसर में हल्का तनाव पैदा बना रहा।

छात्रों ने पुलिस से केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ अनुसूचित जाति..जनजाति अत्याचार कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने (मंत्री ने) इन शोधार्थी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री (एचआरडी) को पत्र भी लिखा था।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। परिसर में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है बहरहाल, यहां कुछ तनावपूर्ण स्थिति देखी गई है।’’ आनंद ने बताया कि रोहित उन पांच शोधार्थी छात्रों में शामिल थे जिन्हें पिछले साल अगस्त में एचसीयू से निलंबित किया गया था और वह एक छात्र नेता पर हमला मामले में भी आरोपी थे।

दलित पीएचडी स्कॉलर वी. रोहित कल केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रावास में फांसी पर लटके मिले थे। रोहित उन पांच शोध छात्रों में शामिल थे जिन्हें हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (एचसीयू) ने पिछले वर्ष अगस्त में निलंबित किया था और वह एक छात्र नेता पर हमले के आरोपियों में शामिल थे। पांचों शोध छात्रों को एबीवीपी के एक नेता पर कथित तौर पर हमला करने के लिए बाद में उनके शेष अध्ययन के दौरान छात्रावास से निलंबित कर दिया गया था।

इस बीच यहां मंत्रालय के बाहर रोहित की मौत के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से करीब 115 को हिरासत में ले लिया गया।

वामपंथी छात्र संगठनों आइसा और एसएफआई तथा कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई के बैनर तले छात्रों ने शास्त्री भवन तक मार्च निकाला और मामले में एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी से हस्तक्षेप की मांग की।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया ने कहा कि आयोग इस मुद्दे को मजबूती से उठायेगा। पूनिया ने कहा, ‘जब छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी तो कुलपति ने कार्रवाई वापस भी ली थी। इसके बाद एक बयान आया। बीच में राजनीति हुई।’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय एक वरिष्ठ नेता हैं। वह पत्र लिखते हैं। पत्र यहां आता है। यह चारों ओर घूमने लगता है। मामले में पूरी तरह पलटी मारी जाती है। ये सभी बातें हुई हैं।’’ विश्वविद्यालय का दौरा करने के बाद पूनिया ने कहा कि वह इस मामले पर पुलिस, प्रशासन और विश्वविद्यालय से रिपोर्ट मांगेंगे।

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