आधा दर्जन संदिग्धों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चल रही है पूछताछ

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ऊंचाहार/रायबरेली ब्यूरो- पड़ोसी जिला प्रतापगढ के सीमावर्ती कस्बा भवानीगंज में आधा दर्जन संदिग्धों को पुलिस व एसटीएफ की टीम ने छापा मारकर मुखबिर की सूचना पर पकडा है। मामला रायबरेली के सीमा से जुडा होने पर इस जिले की पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंची है हांलाकि सारे संदिग्ध गैर देश बंगलादेश के होने पर उनकी भौतिक जांच हेतु पुलिस व एटीएस एवं एसटीएफ जुट गया है।

जिला रायबरेली के सीमावर्ती गांव रसूलपुर, इटैली, चकभीरा, निगोहां, शुकुरूल्लापुर है, जिन्ही गांव के समीप पर ही जिला प्रतापगढ के थाना नवाबंगज के शवानीगंज कस्बा पडता है। जहां पर शुक्रवार की दोपहर आधा दर्जन संदिग्ध एक किराये के कमरों मे रहने की बात पुलिस व एसटीएफ को दिया गया। जिसके बाद मौके पर पहुंची एसटीएफ व पुलिस की टीम ने आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमे दो की शिनाख्त इस्लाम फायजुल इस्लाम खान निवासी शोफियागोनी बांग्लादेश, रहमान पुत्र एमडी माथुर हरिदासपुर बंगलादेश के रूप मे हुई जबकि अन्य के नाम की खोजबीन समाचार लिखे जाने तक जारी थी। जिसमे सभी के पास इनराइडफोन व संदिग्ध वस्तुओं के मिलने पर सभी के संदर्भ मे आतंकियों से तार जुड होने की चर्चा था। जिसको लेकर जिला प्रतापगढ की पुलिस के साथ-साथ जिला रायबरेली की पुलिस व कई अन्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच गये थे। सभी संदिग्धों के बारे मे एसटीएफ की टीम भी तथ्य टटोलने मे जुटी थी।

अखिर क्यों आये यहां-
सीमावर्ती कस्बा शवानीगंज मे आधा दर्जन संदिग्धों के ठहरने के संदर्भ मे सवाल पर सवाल खडा हो रहा है क्योंकि यहां पर ये कैसे आये और यहां पर इनको लाकर किसने ठिकाना दिलवाया और दिया, आखिर किरायेदार क्यों बिना वेरीफिकेसन के रखा गया| अखिर पुलिस गस्त के नाम पर क्यों खानापूर्ति किया क्योकि यदि पुलिस चेत जाती तो इनको कभी गिरफ्तार कर सकती थी| गस्त के नाम पर पुलिस की महज खानापूर्ति होती है ये वाकिया सामने आ रहा है।

बंगलादेश से यहां आने तक का रहस्य क्या है-
बांग्लादेश से यहां तक आने के लिये गिरफ्त मे आये आधा दर्जन लोगों का रहस्य क्या था क्या आंतकी संगठनों से इनके तार जुडे है, क्या आतंकी लोगों के सीमावर्ती मे रोककर जिला रायबरेली व प्रतापगढ को निाना तो नही बनाना था। यहां पर दहलाने की साजिश तो नही है अखिर जांच के बाद रहस्य का पर्दाफास होगा।

अखिर क्या कर रही थी पुलिस-
पुलिस निर्दोशों को जेल पहुंचाने व उनको परेान करने मे सदैव चर्चा मे रहता है लेकिन आधा दर्जन संदिग्ध जहां रह रहे थे वहीं पर पुलिस चौकी भी बनी हुई है। जिसके चंद कदम पर आधा दर्जन संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लेकिन उसके पीछे अहम रोल स्थानीय ग्रामीणों का रहा है क्योंकि यहां पर एक एक करके आधा दर्जन लोगों को जब काफी दिनो से न तो कोई काम करते हुए देखा तो ग्रामीणों को शंका हुआ कि ये कौन है जो घुमते है और मोबाइल से सिर्फ लोकेशन हेतु फोटो खींच रहे है, जिसके बाद पुलिस को सुपुर्द करवाया है। जहां पर पुलिस पर सवाल खडा होता है कि सरकार पुलिस को परसा सुरक्षा व्यवस्था हेतु दे रही है कि क्षेत्र के अपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाये और अपराधियों पर कार्यवाही करे लेकिन यहां पर ठीक उल्टा हुआ है पुलिस यहां पर लापरवाही मे घिरती नजर आयी है।

एसओजी व विजलेंस टीम भी ध्वस्त-
एसओजी व विजलेंस टीम भी ध्वस्त नजर आया है, जहां पर एसओजी की टीम व विजलेंस टीम की मुखबिर सूचना भी ध्वस्त रहा है। नही तो काफी दिनो से रह रहे संदिग्धों की जांच क्यो नही हुआ और उनको पहले क्यों नही गिरफ्तार किया गया था।

बंगलादेश से मंगवाये जा रहे पकड़े गये संदिग्धों की डिटेल-
आधा दर्जन संदिग्धों को गिरफ्तार होने पर एटीएस व एसटीएफ द्वारा गोपनीयढंग से उनके सारे प्रमाण के तालमेल व उनके बताये पता की जांच करवाया जा रहा है कि ये सभी बांग्लादेश के रहने वाले सदस्य सही है या बांग्लादेश के है तो उनके अपराधिक रिकार्ड तो नही वहां से ये लोग क्यों यहां पर आये किसलिये आये इनका वीजा किसने बनाया, क्यों बनाया गया, यदि बनाया गया तो उनको यूपी मे क्यों भेजा गया| यूपी मे उनको किसी शहर मे रहने की जगह वे गांव के कस्बों को क्यों अपना ठिकाना बनाया है हर बिंदु पर डिटेल मंगवाया गया है।

फोन सर्विलांस पर लगाकर खोजा जा रहा सूत्र-
आधा दर्जन लोगों द्वारा मोबाइल जो यूज किया जा रहा था उसके सहारे डिटेल एकत्र करने के लिये मोबाइल नंबर से काल डिटेल निकलवाया जा रहा है| यहां तक कि उसके सारे काल डिटेल कौन कहां से फोन आया और कहां-कहां यहां के संदिग्धों से बातचीत किया गया, उसके बारे मे डिटेल एकत्र हो रहा है। जिसके बाद तहहकीकत की पोल खुल जायेगा।

पुलिस खमोश है लेकिन प्रशासन बोला-
आधा दर्जन संदिग्धों के गिरफ्तार के संदर्भ मे ऊंचाहार एसडीएम मदन कुमार ने बताया कि जिला रायबरेली के सीमावर्ती परिधि से जुडा हुआ जिला प्रतापगढ के शवानीगंज कस्बा है, जहां पर संदिग्धों के गिरफ्तार होने की सूचना पर जिला के सीमावर्ती का मामला होने के नाते यहां से प्रासनीक टीम गयी थी लेकिन जांच पडताल व सारे कार्य जिला प्रतापगढ से किया जायेगा।

रिपोर्ट- अनुज मौर्य/सर्वेश

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